फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयपुर: बेटे ने कागजों में मां को जिंदा दिखाया, फिर मैनेजर-गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर हड़पी पेंशन; कैसे खुला राज?

Mon, 06 Jul 2026 11:35 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में मृत मां को जीवित दिखाकर 6.30 लाख रुपये की पेंशन निकालने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मृतका के बेटे, उसकी महिला मित्र और एसबीआई के तत्कालीन बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। मामले में फर्जी दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच जारी है।

विज्ञापन
तीनों आरोपी गिरफ्तार - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी जयपुर में पेंशन धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी मृत मां को सरकारी रिकॉर्ड में जीवित दिखाकर एसबीआई के तत्कालीन बैंक मैनेजर और अपनी महिला मित्र की कथित मिलीभगत से करीब 6.30 लाख रुपये की पेंशन हड़प ली। मामले का खुलासा होने के बाद जवाहर नगर थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेसी) में भेज दिया गया। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजिता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एसबीआई के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सिराज अहमद कुरैशी (56), मृतका का बेटा लालचंद (45) और उसकी महिला मित्र खुशबू दीक्षित उर्फ नेहा (42) शामिल हैं।
विज्ञापन


मृत्यु के बाद भी जारी रही पेंशन
पुलिस जांच में सामने आया कि लालचंद की मां शांति देवी का निधन 2 मई 2021 को हो गया था। इसके बावजूद उन्हें जीवित दर्शाकर नगर निगम जयपुर से मिलने वाली पेंशन लगातार बैंक खाते में जमा होती रही।
आरोप है कि लालचंद ने बैंक अधिकारी की कथित मिलीभगत से फर्जी जीवित प्रमाण-पत्र तैयार कराया। इसी दस्तावेज के आधार पर पेंशन जारी रही और एटीएम कार्ड सहित अन्य बैंकिंग माध्यमों से करीब 6.30 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में खुशबू दीक्षित की भी सक्रिय भूमिका सामने आई है।
विज्ञापन


बैंक की शिकायत से खुला मामला
इस कथित फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब 9 जनवरी को एसबीआई की राजापार्क शाखा के प्रतिनिधि तपिश श्रीवास्तव ने जवाहर नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि शांति देवी और उनके दिवंगत पति रामकिशोर के नाम पर नगर निगम से पेंशन खाते में आ रही थी। जांच के दौरान नगर निगम से प्राप्त मृत्यु प्रमाण-पत्र में शांति देवी की मृत्यु की पुष्टि हुई, जबकि बैंक रिकॉर्ड में उन्हें जीवित दर्शाया गया था।

ये भी पढ़ें-  Rajasthan: तीन दिन पहले होटल में लिया था कमरा, अब फंदे से लटका मिला कारोबारी का शव; क्या है मौत की वजह?
विज्ञापन


अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच के बाद धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि इस कथित फर्जीवाड़े में किसी अन्य बैंक कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भी भूमिका तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस वित्तीय लेन-देन, बैंक दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें