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SI Paper Leak: बेनीवाल का किरोड़ीलाल पर बड़ा हमला, कहा- मुद्दा हाथ में लेकर बीच छोड़ना उनकी पुरानी आदत

Sat, 07 Jun 2025 09:32 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

SI paper leak: राजस्थान में एसआई भर्ती पेपर लीक को लेकर दिल्ली कूच करने की चेतावनी दे चुके आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने अब कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर सियासी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि किरोड़ी ने एसआई भर्ती का मामला बीच में ही छोड़ दिया।
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सांसद बेनीवाल का मंत्री मीणा पर सियासी हमला। - फोटो : social media
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विस्तार
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आरएलपी सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसआई भर्ती पेपर लीक को लेकर भजनलाल सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंत्री मीणा ने इस मुद्दे को बीच में ही छोड़ दिया है। बेनीवाल लंबे समय से एसआई भर्ती को रद्द करने की मांग को लेकर शहीद स्मारक पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने धरने को संबोधित करते हुए कहा- सरकार की चुप्पी दर्शाती है कि वह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के साथ मिली हुई है। बेनीवाल ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर भी तंज कसा। बेनीवाल ने कहा- सरकार ने वादा किया था कि पेपर लीक में शामिल बड़े मगरमच्छों को पकड़ा जाएगा। लेकिन, आरपीएससी सदस्यों के जिन रिश्तेदारों की गिरफ्तारी हुई है, अब उन्हें बचाया जा रहा है।

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बेनीवाल ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर भी तंज कसते हुए कहा- डॉ. साहब की आदत है कि कोई मुद्दा हाथ में लेते हैं और बीच में ही छोड़ देते हैं। वे हमारे धरने पर तो बिना बुलाए आए, लेकिन जब रैली में शामिल होने का न्योता दिया गया तो पीछे हट गए। बेनीवाल ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा का मकसद सिर्फ राजनीतिक मौका तलाशना था, न की युवाओं की लड़ाई लड़ना। गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल ने एसआई भर्ती निरस्त करने को लेकर सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार ने इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया तो वे दिल्ली कूच कर सरकार का घेराव करेंगे।
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खर्रा बोले कोर्ट को फैसला लेना है
वहीं एआई भर्ती को लेकर सरकार के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है। अब कोर्ट को फैसला करना है। खर्रा ने कहा कि सरकार को दोनों पक्षों के बारे में सोचना पड़ता है। हम उन गरीब बच्चों का क्या करें जो दूसरी नौकरियां छोड़कर इस विभाग में आए थे।

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