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Jaipur News: हनीट्रैप मामले में बड़ा ट्विस्ट! आरोपी युवती ने खुद को पीड़िता बताया, जमानत पर फैसला आज

Sat, 30 May 2026 11:54 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार युवती ने खुद को पूरे प्रकरण की पीड़िता बताते हुए जमानत की मांग की, जबकि दूसरी ओर कारोबारी पक्ष ने करोड़ों रुपये की वसूली और धमकियों के गंभीर आरोप दोहराए। जमानत याचिका पर आज फैसला हो सकता है।
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डीपफेक हनीट्रेप मामले में आरोपी ने खुद को पीड़िता बताया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर के चर्चित हाईप्रोफाइल ब्लैकमेलिंग एवं कथित हनीट्रैप मामले में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। गिरफ्तार युवती ने महानगर प्रथम न्यायालय में पेश होकर खुद को इस पूरे विवाद की पीड़िता बताते हुए जमानत की मांग की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जमानत याचिका पर फैसला शनिवार तक सुरक्षित रख लिया।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष कई अहम दलीलें पेश कीं। अधिवक्ता ने कहा कि जिस विवाद के आधार पर वर्तमान एफआईआर दर्ज की गई है, उसी मामले से जुड़े तथ्यों पर पहले भी महेश नगर थाने में मुकदमा दर्ज हो चुका है। उस मामले में युवती को अदालत से जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष का आरोप है कि पहले से मामला लंबित होने के बावजूद दबाव बनाने और समझौते के लिए पुलिस से मिलीभगत कर दूसरी एफआईआर दर्ज कराई गई।

अधिवक्ता ने यह भी बताया कि युवती ने पूर्व में कारोबारी विमल डागा के खिलाफ गुरुग्राम और बेंगलुरु में शिकायतें दर्ज कराई थीं। उनके अनुसार वर्तमान मामला पुराने विवाद का विस्तार है और युवती पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। बचाव पक्ष ने अदालत में दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम में युवती स्वयं पीड़ित पक्ष है।
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दूसरी ओर कारोबारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार युवती, उसके सहयोगी और अन्य लोगों ने मिलकर लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना दी तथा झूठे मुकदमों में फंसाने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां देकर करोड़ों रुपये की मांग की। परिवादी का आरोप है कि आरोपियों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकियां भी दीं।

एफआईआर के अनुसार कथित धमकियों के चलते परिवादी से करीब 90 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं, जबकि 50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग लगातार की जा रही थी। हालांकि बचाव पक्ष ने इन सभी आरोपों को निराधार, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है।
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जमानत आवेदन में यह भी कहा गया कि युवती का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। अब शनिवार को होने वाली सुनवाई में अदालत का फैसला इस बहुचर्चित मामले की अगली दिशा तय करेगा।
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