कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट ने करौली जिले के सकरघटा गांव में आयोजित किसान सम्मेलन और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण समारोह में बिना किसी का नाम लिए अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनकी आंखों में आंख डालकर देखे तो खुद समझ जाएगा कि वे सच बोल रहे हैं या झूठ।
पायलट ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में साथ काम करने वाले सभी नेताओं का सम्मान किया है। मतभेद होना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उन्होंने कभी मनभेद नहीं रखे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि राजनीति केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की सेवा का जरिया है।
उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति सिर्फ पद और फल की इच्छा से काम करता है, वह हमेशा दुखी रहता है। जनता के हित में काम करने वाला ही वास्तविक संतोष प्राप्त करता है। आखिरकार जनता हमेशा सच्चाई का साथ देती है।”
राजेश पायलट की विरासत का किया जिक्र
कार्यक्रम में सचिन पायलट ने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट को किसानों, युवाओं और ग्रामीण भारत की आवाज बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रतिमा अनावरण के दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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भाजपा सरकारों पर भी साधा निशाना
पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की जा रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।
हिंडौन स्टेशन पर भव्य स्वागत
सचिन पायलट सुबह इंटरसिटी ट्रेन से हिंडौन सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। स्टेशन से लेकर सकरघटा गांव तक कई स्थानों पर समर्थकों ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, विधायक घनश्याम महर, विधायक अनीता जाटव, पूर्व विधायक रमेश मीणा समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
रमेश मीणा ने गहलोत पर बोला हमला
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने भी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। उन्होंने मानेसर प्रकरण को लेकर गहलोत के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से संगठन में ईमानदार और सक्षम नेतृत्व को आगे लाने की मांग भी की।