राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अनशन को लेकर कांग्रेस सख्त नजर आ रही है। कांग्रेस ने कहा है कि अपनी ही सरकार के विरोध में सचिन पायलट का एक दिन का अनशन पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाएगा। बता दें, पायलट ने एक बार फिर बगावती तेवर दिखाते हुए अपनी ही पार्टी की गहलोत सरकार के खिलाफ 11 अप्रैल यानी आज जयपुर के शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करने की घोषणा की है।
सचिन पायलट ने भाजपा शासन में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाकर गहलोत सरकार के खिलाफ अनशन करने की घोषणा की है। समर्थित नेताओं-कार्यकर्ताओं को सुबह 10 बजे से चार बजे तक अनशन पर आने को कहा गया है। पायलट ने अपने खेमे के चुनिंदा नेताओं को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी है। अनशन में कई विधायक और जयपुर, दौसा, टोंक,अजमेर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, झुंझुनूं क्षेत्रों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। पायलट ने अनशन को लेकर विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा, वेद प्रकाश सोलंकी, जीआर खटाना, इंद्रराज गुर्जर, राजेंद्र गुढ़ा, पीआर मीणा, इंदिरा मीणा समेत अपने कई समर्थक नेताओं से बातचीत की है।
पायलट के समर्थन में कैबिनेट मंत्री खाचरियावास
गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी पायलट का समर्थन किया है। खाचरियावास ने कहा है कि सचिन पायलट की बात सुनी जानी चाहिए। तमाम कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सड़कों पर उतर सकते हैं। राहुल गांधी भी अदाणी और मोदी के बीच सांठगांठ की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। पायलट ने गलत नहीं कहा है।