राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा के आरोपों से सदन में जोरदार हंगामा हो गया। विधायक मीणा ने सवाल उठाते हुए कहा, राइजिंग राजस्थान है क्या?
विधायक इंदिरा मीणा के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री सहित अन्य मंत्रियों ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन में बिना सबूत आरोप नहीं लगाए जा सकते। मंत्रियों ने मांग की कि इन आरोपों को कार्यवाही से हटाया जाए। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा, सदन में बिना प्रमाण के बकवास आरोप नहीं सुने जाएंगे। इसके जवाब में इंदिरा मीणा ने कहा, क्या मैं सबूत दूं? आप तय करेंगे कि कोई क्या बोलेगा?
हंगामे के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक राजेंद्र पारीक ने सत्ता पक्ष की आपत्ति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, हर विधायक को टोकना बर्दाश्त नहीं होगा। सदन में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक झोंक जारी रही। अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
राजस्थान सरकार द्वारा कुछ जिलों के गठन को निरस्त किए जाने के मुद्दे पर बुधवार को राजस्थान विधानसभा में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बाद में व्यवस्था दी कि गुरुवार को इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव देने वाले दो विधायकों को दो-दो मिनट बोलने की अनुमति होगी और सरकार की ओर से इस पर संक्षिप्त वक्तव्य दिया जाएगा।