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Rajasthan News: SI पेपर लीक पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- RPSC का कोई धणीधोरी है क्या?

Tue, 11 Feb 2025 08:15 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान

सार

सुनवाई के दौरान RPSC चेयरमैन कैलाश चंद्र मीणा को कड़ी फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने पूछा कि आयोग में गड़बड़ी के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। कोर्ट ने SOG चीफ वीके सिंह और सरकार के एएजी विज्ञान शाह से भी जवाब मांगा।
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SI पेपर लीक पर हाईकोर्ट कोर्ट सख्त। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम सुनवाई की। इसमें जस्टिस समीर जैन ने RPSC (राजस्थान लोक सेवा आयोग) की भूमिका पर कड़ी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए आयोग के चेयरमैन कैलाश चंद्र मीणा (कार्यवाहक) को जबरदस्त फटकार भी लगा दी। वहीं, एसओजी चीफ वीके सिंह तथा राज्य सरकार की तरफ से मामले में पैरवी कर रहे एएजी विज्ञान शाह से भी जवाब तलब किया।

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RPSC चेयरमैन सुनवाई में वीसी के जरिए जुड़े थे। उन्होंने बीच सुनवाई में वीसी छोड़कर जाने की कोर्ट से अनुमति मांगी। इस पर कोर्ट ने कहा, 'आप बिल्कुल सीरियस नहीं हैं। इतने महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई चल रही है और आप इसे छोड़कर जाना चाहते हैं? आपकी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है और आप एफआईआर नहीं करते... और बीच में सुनवाई छोड़ कर जाना चाहते हैं।'

कोर्ट ने कहा कि- RPSC का कोई धणीधोरी (मालिक) है क्या? जस्टिस समीर जैन ने आरपीएससी चेयरमैन से कहा कि आपके दो सदस्य बाबू लाल कटारा और रामू राम राईका का पेपर लीक में कनेक्शन सामने आया तो क्या आपकी डयूटी नहीं बनती थी कि आप मामले में एफआईआर दर्ज कराते। 
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इस पर आरपीएससी चेयरमैन ने कहा कि बाबूलाल कटारा की एसआई भर्ती में संलिप्तता से पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी। एसआई भर्ती में हम कुछ करते, उससे पहले ही एसआईटी अपना काम कर चुकी थी। कोर्ट ने कहा कि आपके सदस्य आपराधिक गतिविधि में शामिल हैं तो आपको FIR करनी चाहिए थी। 

सुनवाई के दौरान SOG के एडीजी वीके सिंह भी कोर्ट में मौजूद रहे। सिंह ने बताया कि सभी गैंग ने अपने-अपने माध्यम से पेपर लीक कराकर अभ्यर्थियों को पेपर दिया। इससे वे परीक्षा पास कर पाए। उन्होंने कहा कि जगदीश विश्नोई गैंग ने पेपर लीक किया था। साइट हैंडलर की मदद से अभ्यर्थियों ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पेपर पढ़ाया गया। इन्हीं साइट हैंडलर्स में से किसी ने व्हाट्सएप पर पेपर भेज दिया। वीके सिंह ने बताया कि पुरुषोत्तम दाधीच के पास भी पेपर पहले से था। 

कोर्ट ने पूछा कि उनके पास कैसे पेपर आया। इस पर वीके सिंह ने कहा कि यह अभी पता नहीं चला है, लेकिन वे रामू राम राईका के गांव के हैं और उनके करीबी हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप यह कहना चाहते हैं कि अलग-अलग गैंग ने अलग-अलग जगहों पर पेपर पहुंचाया है और RPSC के सदस्यों की भी संलिप्तता रही है।

और भी परीक्षाएं प्रभावित हुई क्या
कोर्ट ने वीके सिंह से पूछा कि क्या यह गैंग सिर्फ एसआई भर्ती को प्रभावित कर पाए या और भी परीक्षाएं प्रभावित हुई? वीके सिंह ने कहा कि इस दौरान सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा भी हुई। इसमें भी पेपर लीक हुआ। कोर्ट ने कहा कि क्या यह संस्था (RPSC) मर चुकी है? कोर्ट ने पूछा कि क्या RPSC के तत्कालीन चेयरमैन संजय क्षोत्रिय को आरोपी बनाया गया है। इस पर वीके सिंह ने कहा नहीं। कोर्ट ने पूछा कि क्या आपने उन्हें क्लीन चिट दी है? 

अब मामला सिर्फ 800 लोगों का नहीं, इसके कई आयाम हैं
कोर्ट ने कहा कि सरकार जब RPSC के सदस्यों की नियुक्ति करती है तो क्या उनकी जिम्मेदारी भी तय करती है? क्या उनका बैकग्राउंड चेक होता है? यह मामला 800 लोगों से जुड़ा नहीं है। अब इसके कई आयाम हैं। इसके बाद कोर्ट ने सरकार के एएजी विज्ञान शाह से पूछा RPSC अगर कोई परीक्षा करवाती है और उसमें गड़बड़ी होती है तो उस पर किस तरह की कार्रवाई होगी, इसे लेकर क्या पैमाना है़?

बुनियादी तौर पर ही थी गड़बड़ी 
कोर्ट ने कहा कि जब एसआई भर्ती परीक्षा में बुनियादी तौर पर ही गड़बड़ी थी और जब RPSC को पता भी चल गया तो क्या RPSC इसे रद्द करने की शक्ति रखती है? इस पर विज्ञान शाह ने कहा कि RPSC रिकमेंड कर सकती है, लेकिन इसके लिए फर्जी और सही अभ्यर्थियों को अलग-अलग करना जरूरी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ है तो इसे कैसे तय किया जाएगा।

क्या मैं लिख दूं कि आपके पास रिकॉर्ड नहीं है
विज्ञान शाह ने कहा कि हम इसीलिए इसकी पूरी जांच कर रहे हैं। फिर कोर्ट ने पूछा- क्या आप एसआईटी पर भरोसा नहीं कर रहे? कोर्ट ने कहा कि एसआईटी तो जांच कर रही है। एसआईटी ने बताया है कि इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ है तो आप क्या मान रहे हैं? कोर्ट ने एएजी से भर्ती परीक्षा और जांच से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे तो विज्ञान शाह ने कहा कि कई अनौपचारिक बैठकें हुई हैं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा, “क्या मैं लिख दूं कि आपके पास रिकॉर्ड नहीं है?” इस पर विज्ञान शाह ने जवाब दिया वे कल कोर्ट में सभी पत्रावली जमा करवा देंगे।
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