रितु बराला प्रकरण में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का धरना बुधवार को समाप्त हो गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने पुलिस पर दिल्ली के दबाव में काम करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में पहले से शिकायत दर्ज कराई जा चुकी थी।
रितु बराला से जुड़े एफआईआर प्रकरण को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस की ओर से दिया जा रहा धरना बुधवार को समाप्त हो गया। धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रितु बराला की ओर से दी गई परिवेदना पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। डोटासरा ने आरोप लगाया कि जयपुर पुलिस पर दिल्ली का दबाव है।
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'न्याय के लिए आगे भी संघर्ष करेगी कांग्रेस'
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों और भाजपा नेताओं से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके फोन तक नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की ओर से लिखित रूप से जो बातें बताई गई हैं, वे सही नहीं हैं। कांग्रेस इस मामले को लेकर आगे भी संघर्ष करेगी और रितु बराला को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
राजनीतिक स्वार्थ नहीं, न्याय की मांग को लेकर दिया धरना
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नरेट में धरना किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि न्याय की मांग को लेकर दिया था। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
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'19 अक्टूबर को थाने पहुंची थीं रितु बराला'
वहीं, रितु बराला प्रकरण में जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर को रितु बराला जयपुर के मोतीडूंगरी थाने पहुंची थीं। उन्होंने 13 अक्टूबर को दिल्ली में हुई घटना के संबंध में पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था।
दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में पहले से शिकायत का हवाला
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जयपुर पुलिस ने दिल्ली पुलिस से इस संबंध में जानकारी ली। दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि संबंधित घटना को लेकर कनॉट प्लेस थाने में पहले ही शिकायत दी जा चुकी है। जयपुर पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने का कानूनी आधार नहीं बनता था।
लिखित जानकारी मिलने के बाद खत्म हुआ धरना
पुलिस ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को इस संबंध में लिखित जानकारी भी दी। इसके बाद कांग्रेस ने कमिश्नरेट में चल रहा धरना समाप्त कर दिया। पुलिस का कहना है कि अब धरने के दौरान कमिश्नरेट परिसर में गद्दे लगाकर बैठने और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर नियमों के तहत कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।