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Rising Rajasthan: समिट में मुख्यमंत्री ने बोली ऐसी बात... मुस्कुरा दिए नाराज किरोड़ी लाल, जानें क्या है मामला

Tue, 10 Dec 2024 08:34 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट में मंगलवार को कृषि सत्र में सीएम भजनलाल शर्मा और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल दिखा। हालांकि यह मुलाकात पूर्व में चल रहे विवादों के बीच हुई। किरोड़ी लाल मीणा ने हाल ही में सरकार पर अपनी जासूसी करवाने और राइजिंग राजस्थान में विघ्न डालने की झूठी रिपोर्ट देने के आरोप लगाए थे।
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मंच पर मौजूद सीमए भजनलाल, किरोड़ी लाल मीणा और अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट न सिर्फ निवेशकों और सरकार को नजदीक ला रही है, बल्कि सियासी दूरियों को भी पाटती नजर आ रही है। मंगलवार को समिट में कृषि पर आयोजित सेशन आयोजित किया गया। इसमें मुख्य वक्ता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान थे। वहीं, मंच पर राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी सीएम भजनलाल शर्मा के साथ मौजूद रहे।

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राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट में मंगलवार को कृषि पर आधारित सेशन में राजस्थान की तरफ से कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने भी संबोधन दिया। खास बात ये रही कि सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में किरोड़ी लाल मीणा को ‘हमारे बाबा’ कहकर पुकारा। सीएम भजनलाल शर्मा अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इन्हें 'मामा' के नाम से जाना जाता है।

इसके बाद सीएम भजनला किरोड़ी लाल मीणा की तरफ देखकर मुस्कुराए और जवाब में किरोड़ी भी मुस्कुरा दिए। किरोड़ी लाल मीणा उद्घाटन सत्र में भी पहुंचे थे और पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवानी करने एयरपोर्ट तक भी गए थे। पहली बार किरोड़ी लाल मीणा और भजनलाल शर्मा आमने-सामने दिखे।
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पहले हुए ये विवाद
यह घटना इसलिए भी खास है कि पिछले सप्ताह महेशनगर थाने की सीआई के साथ विवाद के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने सरकार पर अपनी जासूसी करवाने का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा था कि इंटेलीजेंस ने यह रिपोर्ट दी है कि मैं राइजिंग राजस्थान में विघ्न डालने का काम करूंगा। यहां तक की दौसा उपचुनाव में अपने भाई जगमोहन की हार के लिए भी किरोड़ी ने सरकार पर पीठ में छुरा घोंपने के आरोप लगाए थे।

सरकार गठन के साथ शुरू हुई अदावत
किरोड़ी लाल मीणा की सरकार से अदावत सरकार गठन के साथ पोर्टफोलियो बंटावारे को लेकर ही शुरू हो गई थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह बयान भी दिया था कि मैंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। यहां तक कि उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी भी लौटा दी थी। इसके बाद से किरोड़ी और सरकार के रिश्ते लगातार बिगड़ते गए। किरोड़ी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अफसर उनके और सीएम के बची गलतफहमी पैदा कर रहे हैं, जिसके चलते संवादहीनता की स्थिति बन गई है, लेकिन अब समिट में सीएम और किरोड़ी फिर से नजदीक आते नजर आ रहे हैं।
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