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Rajasthan News: राजस्थान में RGHS भुगतान संकट गहराया, 15 मई से प्रदेशभर में पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी

Wed, 01 Apr 2026 06:12 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: राजस्थान में RGHS के बकाया भुगतान को लेकर निजी अस्पतालों का आक्रोश बढ़ गया है। 30 अप्रैल तक 50% भुगतान नहीं होने पर ओपीडी सेवाएं बंद करने और 15 मई से योजना का पूर्ण बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है।
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राजस्थान में RGHS को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का एलान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत बकाया भुगतान को लेकर राज्य के निजी अस्पतालों और सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सहित विभिन्न अस्पताल संगठनों ने चरणबद्ध आंदोलन का एलान करते हुए साफ कर दिया है कि यदि 30 अप्रैल तक बकाया राशि का 50 प्रतिशत भुगतान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में ओपीडी फार्मेसी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 15 मई 2026 से RGHS सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।

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IMA राजस्थान के जोनल सेक्रेटरी डॉ. अनुराग शर्मा के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 1800 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले जुलाई 2025 से लंबित है। सरकार ने 45 दिनों में भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन सात महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। इस देरी के चलते छोटे और मध्यम अस्पताल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल हो गया है।

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एसएमएस हॉस्पिटल के सामने आर जी एच एस योजनाका लाभ दवा विक्रेताओं द्वारा किया गया बंद - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल संगठनों ने आरोप लगाया है कि थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) द्वारा मामूली और आधारहीन आपत्तियों के नाम पर भुगतान रोका जा रहा है। उनका कहना है कि केवल 1 प्रतिशत संभावित गड़बड़ियों के आधार पर 99 प्रतिशत ईमानदार सेवा प्रदाताओं को परेशान किया जा रहा है। साथ ही, मुख्यमंत्री स्तर तक योजना की वास्तविक स्थिति की बजाय भ्रामक जानकारी पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है।

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भुगतान अटकने का असर अब चिकित्सा सेवाओं पर भी दिखने लगा है। सप्लायर्स ने अस्पतालों को दवाइयों और इम्प्लांट की आपूर्ति सीमित या बंद कर दी है। MSME अधिनियम के तहत देरी से भुगतान होने के कारण अस्पतालों को कानूनी नोटिस भी मिल रहे हैं, जिससे उनकी साख पर भी असर पड़ रहा है।

वहीं, चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि RGHS को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में 7200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि 2021-22 में 364 करोड़ रुपये के मुकाबले 2024-25 में भुगतान बढ़कर 3471 करोड़ रुपये हो गया है और 2025-26 में भी लगभग 3000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

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