एसएमएस हॉस्पिटल के सामने आर जी एच एस योजनाका लाभ दवा विक्रेताओं द्वारा किया गया बंद
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अस्पताल संगठनों ने आरोप लगाया है कि थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) द्वारा मामूली और आधारहीन आपत्तियों के नाम पर भुगतान रोका जा रहा है। उनका कहना है कि केवल 1 प्रतिशत संभावित गड़बड़ियों के आधार पर 99 प्रतिशत ईमानदार सेवा प्रदाताओं को परेशान किया जा रहा है। साथ ही, मुख्यमंत्री स्तर तक योजना की वास्तविक स्थिति की बजाय भ्रामक जानकारी पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है।
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भुगतान अटकने का असर अब चिकित्सा सेवाओं पर भी दिखने लगा है। सप्लायर्स ने अस्पतालों को दवाइयों और इम्प्लांट की आपूर्ति सीमित या बंद कर दी है। MSME अधिनियम के तहत देरी से भुगतान होने के कारण अस्पतालों को कानूनी नोटिस भी मिल रहे हैं, जिससे उनकी साख पर भी असर पड़ रहा है।
वहीं, चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि RGHS को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में 7200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि 2021-22 में 364 करोड़ रुपये के मुकाबले 2024-25 में भुगतान बढ़कर 3471 करोड़ रुपये हो गया है और 2025-26 में भी लगभग 3000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।