राजस्थान के पुष्कर में आयोजित रावणा राजपूत समाज की महापंचायत में समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से रणजीत सिंह सोडाला को लगातार तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया। महापंचायत में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि और लोग शामिल हुए।
महापंचायत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रणजीत सिंह सोडाला ने कहा कि वर्तमान समय में समाज के युवाओं और बच्चों को जिस प्रकार से निशाना बनाया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने खास तौर पर छोटू सिंह रावणा और पूनम राजस्थानी का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें अपमानजनक टिप्पणियों के जरिए प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
सोडाला ने कहा कि आजादी के 80 वर्षों बाद भी यदि समाज को उपेक्षा और घृणा की नजर से देखा जाएगा, तो यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि रावणा राजपूत समाज ने हमेशा भाईचारे और सहयोग की भावना से काम किया है और समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन भी किया है। लेकिन अब यदि समाज के ही वोटों से जीतने वाले जनप्रतिनिधि समाज के लोगों को प्रताड़ित करेंगे, तो इसका जवाब दिया जाएगा।
छोटू सिंह रावणा के मुद्दे पर बोलते हुए सोडाला ने कहा कि उन्होंने अपनी पहचान खुद के दम पर बनाई है। यदि किसी जनप्रतिनिधि को उनसे राजनीतिक खतरा महसूस होता है, तो इसका समाधान समाज के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज के युवा अब आगे बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में और अधिक पहचान बनाएंगे।
पढ़ें- Vasundhara Raje: भाजपा में 'वफादारी बनाम अवसरवाद' की बहस तेज, वसुंधरा ने पार्टी में किसे बताया बड़ा खतरा
महापंचायत में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया कि समाज अब लोकतंत्र की ताकत का इस्तेमाल करेगा। सोडाला ने कहा कि जिन दो विधायकों पर समाज को प्रताड़ित करने के आरोप हैं, उनके खिलाफ चुनाव में मोर्चा खोला जाएगा और “वोट की चोट” से जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि समाज अब किसी दबाव में नहीं आएगा और अपने अधिकारों के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक अपनी बात रखेगा। साथ ही यह भी तय किया गया कि समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी या कार्रवाई पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी।