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Ranthambore News: एरोहेड बाघिन के तीनों शावक अलग-अलग सेंक्चुरी में होंगे शिफ्ट, एनटीसीए ने अनुमति दी

Tue, 10 Jun 2025 06:11 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Ranthambore News: रणथंभौर में बाघ के हमले में सोमवार को एक और इंसान की जान चली गई। इसके बाद एनटीसीए ने एरोहेड के तीनों शावकों को मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी और करौली-धौलपुर अभ्यारण्य में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी।
 
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एरोहेड के शावकों को अलग-अलग सेंक्चुरी में किया जाएगा शिफ्ट - फोटो : AI Image- Freepik
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विस्तार
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नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने रणथंभौर की बाघिन एरोहैड के तीनों शावकों को शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला सोमवार को रणथंभौर में बाघ के हमले के बाद एक और इंसानी जान चले जाने के बाद लिया गया। इन तीनों शावकों को मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी और करौली-धौलपुर अभ्यारण्य में शिफ्ट किया जाएगा। इसमें एरोहैड की बेटी कनकटी को मुकुंदरा हिल्स में तथा दोनों नर शावकों को करौली धौलपुर और रामगढ़ विषधारी में शिफ्ट किया जाएगा। इन तीनों को यहां बाड़े में कैद रखा जाएगा। एनटीसीए ने वन विभाग को निर्देश दिए है कि तीनों शावकों की शिफ्टिंग के बाद इनकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए।

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गौरतलब है कि बीते दिनों 11 मई को रणथंभौर में फोरेस्ट रेंजर पर बाघ ने हमला कर जान ले ली थी। इससे पहले 16 अप्रैल को भी यहीं एक सात वर्षीय बालक पर बाघ ने हमला कर जान ले ली थी। सोमवार को यहां एक 70 वर्षीय मंदिर के गार्ड की जान भी बाघ के हमले में चली गई। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि तीनों घटनाओं के पीछे एरोहैड के शावकों का ही हाथ है।
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रणथंभौर में बाघों के इंसानों पर हमलों के बाद गठित वन विभाग की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एरोहैड बाघिन के शावकों को अलग-अलग बाघ अभ्यारण्यों में शिफ्ट करने की शिफारिश की। लेकिन इस रिपोर्ट पर एनटीसीए ने अपनी अनुमति नहीं दी थी। लेकिन सोमवार की घटना के बाद एनटीसीए ने इन तीनों बाघ शावकों को शिफ्ट करने की अनुमति दे दी। इन तीनों में से दो नर और एक मादा शावक हैं।
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रणथंभौर बाघ अभ्यारण्य के पूर्व फील्ड डायरेक्टर मनोज प्रसाद ने बताया कि बाघ का दो बार हमला करना कोई संयोग नहीं है, यह एक व्यवहार संबंधी समस्या को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रणथंभौर पर बाघों का दबाव कम करने के लिए नए क्षेत्र विकसित करना जरूरी है क्योंकि बिना निगरानी के बाघों का पलायन इंसानों के साथ उनके संघर्ष को बढ़ा सकता है।

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