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Jaipur: रंधावा बोले- पार्टी में रहकर कांग्रेस की ही बात करनी पड़ेगी, जो निष्ठावान नहीं, पार्टी छोड़कर चला जाए

Sat, 15 Jul 2023 10:05 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पार्टी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी किसी भी विधायक से कहीं अधिक है, क्योंकि चुनाव संगठन लड़ता है। पदाधिकारी बनने के बाद सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे पार्टी के लिए कार्य करें।
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पदाधिकारियों की बैठक में सुखजिंदर सिंह रंधावा। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और अग्रिम संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जो पार्टी के प्रति निष्ठावान नहीं होगा, पार्टी विचारधारा की बात नहीं करेगा, उसे पार्टी छोड़कर चले जाना चाहिए। कांग्रेस में रहकर कांग्रेस की ही बात करनी पड़ेगी, तभी महत्व मिलेगा। 

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उन्होंने कहा कि पार्टी का पदाधिकारी बनने के बाद सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे पार्टी के लिए कार्य करें नाकि किसी व्यक्ति विशेष के लिए, क्योंकि पार्टी में सब समान रूप से कार्यकर्ता हैं और पार्टी से ही सबका वजूद है। उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी किसी भी विधायक से कहीं अधिक है, क्योंकि चुनाव संगठन लड़ता है। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा का उदय राजस्थान से हुआ है, सर्वप्रथम भाजपा की सरकार राजस्थान में ही बनी है इसलिए अब हमारी जिम्मेदारी है कि पूरे देश से भाजपा का सफाया किया जाए, जिसकी शुरुआत राजस्थान में भाजपा को हराने से हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने एक से बढ़कर एक जनकल्याणकारी योजनायें लागू कर अपना दायित्व पूरा किया। अब हम संगठन के पदाधिकारियों का दायित्व है एक बार राजस्थान में फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए काम करें। बैठक को सहप्रभारी वीरेन्द्र सिंह राठौड़, अमृता धवन ने भी सम्बोधित किया। सहप्रभारी  काजी निजामुद्दीन भी बैठक में शामिल हुए।

पार्टी में जिलाध्यक्ष का ओहदा विधायक और मंत्री से ऊपर-रंधावा
बैठक को राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पार्टी में जिलाध्यक्ष नियुक्त होना बड़े सम्मान की बात है, क्योंकि पार्टी में ब्लॉक और जिलाध्यक्ष का बड़ा महत्व होता है। पार्टी में जिलाध्यक्ष का ओहदा विधायक और मंत्री से ऊपर है। उन्होंने कहा कि अगस्त महीने की 17 या 18 तारीख को फिर से प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की संयुक्त बैठक आयोजित होगी। इसमें सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन पदाधिकारियों द्वारा दायित्वों को निर्वहन संतोषजनक रूप से नहीं किया जाएगा, उन्हें जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी है तो सबका महत्व है, पार्टी की मजबूती से ही नेताओं की पूछ होती है।

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