महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में मौजूदा सरकार के प्रति जनता में असंतोष होने का दावा किया है, जो आगामी चुनावों में कांग्रेस को लाभ पहुंचा सकता है। गहलोत ने विश्वास जताया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी अघाड़ी गठबंधन को इस बार चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
'महाराष्ट्र में कांग्रेस के पक्ष में माहौल'
पूर्व सीएम गहलोत ने महाराष्ट्र में चुनावी स्थिति और पार्टी के बागी नेताओं की नाराजगी को दूर करने के प्रयासों पर बात की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पहले से ही कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन चुका है। मैं हाल ही में महाराष्ट्र में था और आम जनता में सरकार के प्रति नाराजगी है, जो हमारे लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। मुझे विश्वास है कि मौजूदा माहौल के अनुसार कांग्रेस और गठबंधन इस चुनाव में जीत हासिल करेगा।
बागी नेताओं के मसले पर उन्होंने बताया कि जब से उम्मीदवारों ने अपने फॉर्म भरे हैं, पार्टी उन्हें मनाने के प्रयास में जुटी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि चार नवंबर तक कई बागी उम्मीदवार अपने नामांकन वापस ले लेंगे। कांग्रेस का दावा है कि पार्टी लगातार अपने बागी नेताओं के संपर्क में है। पार्टी उन्हें चुनाव में एकजुटता के साथ आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
राजस्थान के उपचुनावों में स्थानीय मुद्दे महत्वपूर्ण
गहलोत ने राजस्थान विधानसभा के आगामी सात उपचुनावों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ये चुनाव स्थानीय मुद्दों पर आधारित होते हैं। उन्होंने कहा कि ये चुनाव स्थानीय होते हैं, जिनमें स्थानीय समस्याएं और मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि स्थिति क्या होगी, लेकिन सभी एकजुट हैं और कांग्रेस इन चुनावों में एकजुट होकर आगे बढ़ रही है।
‘एक देश, एक चुनाव’ पर गहलोत का ऐसा रुख
अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित ‘एक देश, एक चुनाव’ पहल पर टिप्पणी करते हुए इसकी आलोचना की। गहलोत ने कहा कि देखिए, ये अनैतिक लोग हैं। इन्हें लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है, नहीं तो ये जल्दबाजी में काम नहीं करते। अगर सरकार कोई काम करना चाहती है तो उसे संसद में जनसंपर्क और विपक्षी दलों की भागीदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने कृषि कानूनों का उदाहरण देते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन में 700 किसानों की जान चली गई, और आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा।
गोधरा कांड पर राजस्थान शिक्षा मंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गोधरा कांड से संबंधित पुस्तकों की कमी पर की गई टिप्पणी पर गहलोत ने कहा कि इस विषय पर मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। लेकिन मंत्री किसी के बारे में कुछ भी कह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मैंने कहा है कि मुझे कोई जानकारी नहीं है, लेकिन किताबों में विषय जोड़ने या हटाने की परंपरा अच्छी नहीं है। इसके लिए एक समिति होनी चाहिए जो यह निर्णय करे कि कौन से विषय शामिल करने चाहिए और कौन से नहीं। गहलोत ने यह भी कहा कि किताबों में विषय जोड़ने या हटाने के निर्णय के लिए एक स्थापित समिति होनी चाहिए, जो निष्पक्षता से यह काम करे।