राजस्थान के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई
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Rajasthan Weather: राजस्थान में मौसम एक बार फिर से मौसम का मिजाज का बदल गया है। शनिवार दोपहर बाद कोटा, टोंक, बूंदी, दौसा और श्रीगंगानगर समेत कई जिलों में तेज़ बारिश के साथ ओले भी गिरे जिससे फसलों को भारी क्षति पहुंची। वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के मिले-जुले असर से पिछले 24 घंटों में कई जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने तबाही मचाई है। किसानों की खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई, मंडियों में खुले में रखा अनाज भीग गया और इस आफत से राज्य का किसान बुरी तरह टूट गया है। जयपुर में शुक्रवार शाम आए अंधड़ के कारण हुई दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान भी चली गई।
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बताया कि इस बारिश और ओलावृष्टि से राजस्थान के आधे से ज़्यादा जिलों में नुकसान हुआ है। सब्जी और ईसबगोल की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। जिन खेतों में चना और गेहूं कटाई के लिए तैयार पड़ा था उन किसानों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। इसके अलावा बारिश की वजह से पशुओं के लिए चारे का भी संकट खड़ा हो गया है।
पश्चिमी राजस्थान में दर्ज की गई 32 मिलीमीटर बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान में श्रीगंगानगर के करणपुर में सर्वाधिक 11.5 मिलीमीटर और पूर्वी राजस्थान में उदयपुर के कोटड़ा में 32 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार आज भी जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। वहीं, बीकानेर और जोधपुर संभाग में मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ से नया सिस्टम देगा दस्तक
सबसे बड़ी चेतावनी 6 अप्रैल के बाद के लिए है। विभाग ने बताया कि 6 अप्रैल से एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा जिसके असर से 7 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज आंधी, मेघगर्जन, ओलावृष्टि और मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 8 अप्रैल को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है जबकि शेष इलाकों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।