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Rajasthan Vidhansabha: 'अकबर का नाम हटेगा या सरकार रिश्तेदारी निभाएगी?', आमेर के शिलालेख पर धारीवाल का सवाल

Wed, 04 Feb 2026 05:31 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Vidhansabha: राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस में कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने आमेर महल में अकबर की प्रशंसा वाले शिलालेख पर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार पर इतिहास को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

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शांति धारीवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जारी बहस के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शांति धारीवाल ने आमेर महल में संरक्षित एक ऐतिहासिक शिलालेख को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार विभिन्न स्थानों से नाम और प्रतीक हटाने की बात कर रही है, तो फिर मुगल शासक अकबर की प्रशंसा वाला शिलालेख आज भी क्यों सुरक्षित है। 

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शांति धारीवाल ने सदन में कहा कि आमेर महल में मौजूद शिलालेख में मुगल शासक अकबर की स्पष्ट प्रशंसा की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार या तो इस तथ्य को नजरअंदाज कर रही है या फिर जानबूझकर उस शिलालेख को संरक्षित रखा जा रहा है। धारीवाल ने इसे सरकार का दोहरा मापदंड बताया। उन्होंने शिलालेख के शब्दों को सदन में पढ़ते हुए कहा कि उस पर लिखा है कि सुलतानों को पनाह देने वाले शहंशाह, दीन और दुनिया के जलाल मोहम्मद अकबर बादशाह खुदाई बुजुर्ग, उनका मुल्क हमेशा कायम रहे।

कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि यदि सरकार की नीति हर जगह से नाम और प्रतीक हटाने की है, तो आमेर के इस शिलालेख को क्यों नहीं हटाया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इतिहास को अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार देखने और तय करने का प्रयास कर रही है।
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शांति धारीवाल ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आमेर महल में मौजूद इस शिलालेख के साथ क्या किया जाएगा। क्या इसे हटाया जाएगा या फिर “रिश्तेदारी” निभाते हुए इसे संरक्षित रखा जाएगा। धारीवाल के इस बयान के बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। सत्ता पक्ष की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण नियमों और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार किया जाता है। वहीं विपक्ष ने सरकार पर चयनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
 

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