राजस्थान ने SIR-2026 अभियान में 4 करोड़ गणना प्रपत्र अपलोड कर देश में पहला स्थान हासिल किया। 3000 से अधिक बूथों पर 100% डिजिटाइजेशन पूरा। बायतु 90% से ऊपर, बाड़मेर शीर्ष पर। विवादों और आरोपों के बीच ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 (SIR-2026) को लेकर छिड़े विवाद राजस्थान ने गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन के काम में देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। एक तरफ इस प्रक्रिया में बीएलओ के दबाव में आकर आत्महत्या के मामले सामने आए तो दूसरी तरफ कांग्रेस से वोट काटने की साजिश करार दे रही है। वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने कहा है कि प्रदेश में अब तक करीब 4 करोड़ गणना प्रपत्र ECI-Net पर अपलोड हो चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देशभर में पहले स्थान पर बना हुआ है।
देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे अभियान के दौरान राजस्थान ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ 3000 से अधिक बूथों पर 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। कई पंचायतें भी पूरी तरह डिजिटाइज होने की कगार पर हैं। महाजन की पहल पर शुरू किया गया BLO सम्मान अभियान तेजी से विस्तार पा रहा है। 78 उत्कृष्ट BLOs से शुरू हुआ यह अभियान अब 1800 से अधिक BLOs तक पहुंच चुका है।
राज्य में जिलों के स्तर पर भी उल्लेखनीय काम हुआ है।बाड़मेर जिला 85 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ लगातार पहले स्थान पर है। बालोतरा और सलूंबर में भी 80 प्रतिशत से अधिक अपलोडिंग दर्ज की गई है, जिससे ये शीर्ष जिलों में शामिल हो गए हैं।
राजस्थान के मरुस्थलीय, पहाड़ी, मैदानी और नहरी क्षेत्रों जैसी विविध भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद BLOs ने मजबूत स्थानीय योजना और अधिकारियों की निगरानी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने धीमी प्रगति दिखाने वाले जिलों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि BLOs को अतिरिक्त संसाधन, डिजिटल उपकरण और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि गति बढ़ाई जा सके। अब तक 3000 से अधिक BLOs अपने बूथ का शत-प्रतिशत कार्य पूरा कर चुके हैं। राज्य में प्रति BLO औसतन 754 प्रपत्र डिजिटाइज किए गए हैं। पिछले पांच दिनों में औसत दैनिक प्रगति दर 5.78 प्रतिशत दर्ज की गई है। बालोतरा, करौली, सीकर, डूंगरपुर और झुंझुनूं सबसे अधिक प्रगति वाले जिलों में शामिल हैं, जबकि जयपुर, ब्यावर, अजमेर, पाली और सिरोही पिछड़ते दिखाई दिए हैं।
महाजन ने निर्देश दिया है कि voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरने और नई Search by Name सुविधा को बढ़ावा देने के लिए- मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाए। इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) के माध्यम से युवाओं को जोड़ा जाए। ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर आधारित लघु वीडियो सभी कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के प्रसार से अधिक से अधिक युवा मतदाता लाभान्वित होंगे और चुनावी प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।