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Rajasthan News: दूध में कीटनाशक और रासायनिक अवशेषों की होगी जांच, राजस्थान में शुरू होगा विशेष अभियान

Tue, 11 Aug 2026 03:04 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलेगा। 810 सैंपल लिए जा चुके हैं। दूध में कीटनाशक, उर्वरक और अन्य रासायनिक अवशेषों की जांच कर सुरक्षित सीमा से अधिक पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
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खाद्य विभाग
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विस्तार
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जयपुर। राजस्थान में घरों तक पहुंचने वाले दूध की शुद्धता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्तालय अब दूध में कीटनाशक, उर्वरक और अन्य हानिकारक रसायनों के अवशेषों की जांच करेगा। इसके लिए प्रदेशभर के डेयरी कलेक्शन सेंटरों से दूध के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में जांच कराने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

खाद्य सुरक्षा विभाग का फोकस केवल दूध में सीधे तौर पर होने वाली मिलावट पर नहीं, बल्कि पशुओं के चारे के जरिए दूध में पहुंचने वाले रासायनिक अवशेषों पर भी है। विभाग यह पता लगाएगा कि दूध में ऐसे रसायनों की मात्रा निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक तो नहीं है।

अब तक 810 दूध के सैंपल लिए

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्तालय के संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक 810 दूध के नमूने लिए जा चुके हैं। वर्ष 2025 में कुल 1174 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें 15 नमूने अनसेफ पाए गए थे, जबकि एक नमूने में डिटर्जेंट की मौजूदगी सामने आई थी।

उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के बाद विभाग को दूध की गुणवत्ता की व्यापक जांच की जिम्मेदारी मिली है। इसी के तहत इस साल विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

चारे के जरिए दूध में पहुंच सकते हैं कीटनाशक

विभाग के मुताबिक खेतों में इस्तेमाल होने वाले उर्वरकों और कीटनाशकों के अवशेष कई बार हरे चारे, भूसे और पशु आहार में रह सकते हैं। दूषित चारा खाने के बाद ये रासायनिक अवशेष पशुओं के शरीर में पहुंचकर दूध का हिस्सा बन सकते हैं।

इसी संभावित खतरे को देखते हुए डेयरी कलेक्शन सेंटरों से लिए जा रहे नमूनों में रासायनिक अवशेषों की विशेष जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास होगा कि दूध में कोई हानिकारक तत्व सुरक्षित सीमा से अधिक तो नहीं है।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए अहम जांच

दूध बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में दूध में निर्धारित सीमा से अधिक हानिकारक रासायनिक अवशेष पाए जाने पर स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो सकती है। विभाग जांच के बाद जरूरत पड़ने पर दूध के साथ पशु आहार और चारे की गुणवत्ता की निगरानी भी बढ़ाएगा।

समस्या मिलने पर स्रोत तक पहुंचेगा विभाग

अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के डेयरी कलेक्शन सेंटरों से नमूने लेकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। विभाग का उद्देश्य केवल मिलावट पकड़ना नहीं, बल्कि दूध में रासायनिक अवशेष मिलने की स्थिति में उसके स्रोत का पता लगाना भी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और लोगों को सुरक्षित दूध एवं पशु आहार को लेकर जागरूक भी किया जाएगा।

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