UD Tax Collection: यूडी टैक्स एकत्रीकरण में खेल जारी है। सरकारी विभागों के टैक्स में भी कमीशन का खेल चल रहा है। नगर निगम ग्रेटर की यूडी कमेटी की बैठक में टैक्स वसूली के लिए अनुबंधित कंपनी की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
अर्बन डेवलपमेंट टैक्स की वसूली के लिए नगर निगम ग्रेटर के साथ अनुबंधित Sparow नामक कंपनी की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। समिति के सदस्य संजय के द्वारा कमेटी के समक्ष कंपनी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
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कमेटी के चेयरमैन विकास बेराठ ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए अमर उजाला के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि कंपनी का अनुबंध हमारे बोर्ड गठन से पहले हुआ है। जो अब नवंबर में समाप्त होने वाला है। परंतु इस कंपनी की कार्यप्रणाली पर आज की बैठक में प्रस्ताव पेश किया गया है, जिस पर मंत्री को भी सूचित किया जाएगा। विकास ने बताया कि कंपनी के द्वार उस पैसे पर भी कमीशन लिया जा रहा है, जिसको एकत्रित करने में कंपनी की कोई भूमिका नहीं रही है, विकास के अनुसार इस वर्ष 118 करोड़ से ज्यादा के यूडी टैक्स की वसूली की गई है। इस वसूली के लिए निगम द्वारा कई प्रकार के इंसेंटिव और स्कीम भी दी गई है।
चेयरमैन विकास के अनुसार, जो सरकारी संस्थानों से टैक्स का पैसे आया है, उस पर कंपनी का कमीशन कैसे बन सकता है। मोतीलाल मीणा पार्षद एवं कमेटी सदस्य ने कहा कि जो पैसे कमीशन में जाते हैं, वो जयपुर के विकास में खर्च होने चाहिए। गौरतलब है कि क्रीड़ा परिषद द्वारा जो आठ करोड़ 50 लाख का टैक्स दिया गया, उस पर भी उक्त कंपनी को 85 लाख का कमीशन दिया जाना प्रस्तावित है, जिसके विरोध में आज संपन्न हुई बैठक में प्रस्ताव दिया गया है।