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Rajasthan: हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के लिए अनशन पर बैठीं तंजीम मेरानी, बोलीं- नहीं लगी रोक तो त्याग दूंगी...

Mon, 05 Feb 2024 03:45 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

हिजाब पर पाबंदी लगाने के लिए 20 साल की मुस्लिम लड़की तंजीम मेरानी पिछले पांच दिन से अनशन पर बैठी है। तंजीम ने 12 साल की उम्र में लाल चौक पर तिरंगा फहराने की मुहिम भी हाथ में ली थी। जहां से इसको तिरंगा गर्ल का भी नाम मिला।
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अनशन पर बैठीं तंजीम मेरानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिजाब को लेकर राजधानी जयपुर में हुए आंदोलन के बाद में राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को सामने आना पड़ा। साथ ही यह कहना पड़ा कि स्कूलों में स्कूल ड्रेस कोड ही लागू होगा। जो इसकी पालना नहीं करेगा, वह अपने लिए कोई दूसरा स्कूल ढूंढ सकता है।

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बता दें कि यह विवाद अभी थमा ही था कि जयपुर के सांगानेर विधानसभा में मानसरोवर स्थित वीर तेजाजी रोड ग्राउंड पर तंजीम मेरानी नाम की एक मुस्लिम लड़की जिसकी उम्र 20 साल है। एक फरवरी 2024 से शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और समान नागरिक संहिता को शीघ्र लागू करने की मांगों को लेकर अनशन पर बैठी है। तंजीम मेरानी के साथ उसके पिता आमिर मेरानी भी धरना स्थल पर मौजूद हैं और अपनी बेटी का उसकी मांगों को लेकर पूर्ण समर्थन कर रहे हैं।



तंजीम को विभिन्न संस्थाओं के द्वारा तेजाब से मारने की धमकी तक दी जा रही है, जिसके चलते सरकार द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई गई है। 20 साल की तंजीम का कहना है कि अगर मुझे इस धरने में अनशन के दौरान कुछ हो जाता है तो मेरी आखिरी इच्छा है कि सरकार मेरी मांगों को पूरा करे और मुझे अहमदाबाद में ही दफनाया जाए।
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तंजीम ने अमर उजाला के साथ बातचीत करते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा के लिए बने हैं। राजनीति के लिए नहीं, इसलिए स्कूलों में समान ड्रेस कोड लागू होना चाहिए। जिनको हिजाब पहनना है, वह स्कूल परिसर के बाहर खूब हिजाब पहनें, उसे हमें कोई तकलीफ नहीं है पर स्कूलों में समान शिक्षा लागू होनी चाहिए।

तंजीम ने यह भी कहा कि मुस्लिम परिवारों में लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्हें शिक्षा मिलनी चाहिए, क्योंकि अगर कोई मुस्लिम लड़की आईएएस या आईपीएस बनती है तो क्या वह हिजाब पहन कर फैसला करेगी। इसलिए हमारे समाज में शिक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिससे बालिकाएं पढ़कर इन रूढ़िवादी परंपराओं से बाहर आ सकें।

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