राजस्थान में महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसओजी ने एक और गिरफ्तारी की है। पुलिस के अनुसार, मनीष गिला ने कथित तौर पर पांच लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदा था और अपनी रिश्तेदार अभ्यर्थी को ब्लूटूथ के जरिए नकल कराई थी। मामले में अब तक 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
महिला सुपरवाइजर भर्ती 2018 के पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। SOG के मुताबिक आरोपी मनीष गिला ने पेपर लीक गिरोह से 5 लाख रुपए में प्रश्नपत्र खरीदा था। इसके बाद उसने अपनी रिश्तेदार अभ्यर्थी मंजू कुमारी विश्नोई को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा में नकल कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया है।
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2019 में हुई थी महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार, महिला सुपरवाइजर सीधी भर्ती परीक्षा 2018 का आयोजन 6 जनवरी 2019 को हुआ था। जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र श्री रामसहाय आदर्श सेकेंडरी स्कूल, बीकानेर से प्रश्नपत्र लीक किया गया था। पुलिस के मुताबिक, पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह के सदस्यों ने लीक प्रश्नपत्र को हल कराया और परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से प्रश्नों के उत्तर बताए गए।
पूरव कालेेर से खरीदा था प्रश्नपत्र
इस मामले में एसओजी थाना जयपुर में प्रकरण संख्या 39/24 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पेपर खरीदकर नकल कराने में मनीष गिला की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्रश्नपत्र पूरव कालेेर से खरीदा था। इसके बाद अपनी रिश्तेदार मंजू कुमारी विश्नोई को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराई। मंजू कुमारी को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पेपर लीक गिरोह की पूरी कड़ी खंगाल रही एसओजी
पुलिस अब मनीष गिला से पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों और उन अभ्यर्थियों के बारे में पूछताछ कर रही है, जिन्हें कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। जांच का उद्देश्य पेपर लीक की पूरी कड़ी और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किन माध्यमों से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था।
अब तक 14 आरोपियों की गिरफ्तारी
एसओजी के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह के 8 सदस्य और 6 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। ताजा गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आए आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है।