एसआई भर्ती 2021 घोटाले को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भजनलाल शर्मा सरकार पर सीधा हमला बोला है। शहीद स्मारक पर चल रहे उनके अनिश्चितकालीन धरने के छठे दिन उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) का पूछताछ नोट मीडिया के सामने पेश किया।
इस दस्तावेज के मुताबिक, SOG की पूछताछ में अधिकारी संतोष ने कबूल किया है कि राज्य के मंत्री केके बिश्नोई ने छह लाख रुपये की रिश्वत दी, जो डमी कैंडिडेट ‘छम्मी’ के जरिए परीक्षा दिलाने में खर्च हुए। बेनीवाल ने इसे भ्रष्टाचार का सीधा सबूत बताते हुए कहा कि एक मंत्री की संलिप्तता से साफ है कि यह घोटाला केवल अफसरशाही तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता के शीर्ष तक फैला है।
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बेनीवाल का आरोप
"यह कोई मामूली मामला नहीं है। यह लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ किया गया विश्वासघात है।" उन्होंने बताया कि टोंक जिले का एक अभ्यर्थी सांवरमल, जिसने परीक्षा ही नहीं दी, वह आज थानेदार बनकर ड्यूटी कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, क्या सरकार SOG पर दबाव डालकर जांच को प्रभावित कर रही है? क्या एक-एक करोड़ में न्याय का सौदा हो रहा है?
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RLP की मांगें
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मंत्री केके बिश्नोई को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
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SI भर्ती 2021 को रद्द कर नई पारदर्शी प्रक्रिया से दोबारा परीक्षा करवाई जाए।
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SOG की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और मामले की CBI से स्वतंत्र जांच हो।
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दोषी अफसरों, दलालों और फर्जी अभ्यर्थियों पर सख्त कार्रवाई हो।
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वास्तविक योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिले।
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हनुमान बेनीवाल ने साफ कहा कि जब तक सरकार कार्रवाई नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।