कोर्ट सुनवाई की जानकारी के देते अधिवक्ता हरेंद्र नील
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राजस्थान की बहुप्रतीक्षित एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर कानूनी लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच में मुख्य न्यायाधीश समीर जैन की एकल पीठ में मामले की अंतिम सुनवाई की शुरुआत हुई। अदालत ने सुनवाई को निरंतर रखते हुए सरकार और भर्ती एजेंसियों से कई अहम बिंदुओं पर जवाब मांगा है।
कोर्ट की ओर से सुनवाई के दौरान कई तीखे सवाल पूछे गए। खासतौर पर यह सवाल चर्चा का केंद्र बन गए कि पिछली रिपोर्ट को क्यों दबाया गया? क्या वास्तव में इस भर्ती में पेपर बड़े स्तर पर लीक हुआ है? अगर हां, तो क्या इससे भर्ती प्रक्रिया की शुद्धता और पवित्रता प्रभावित नहीं हुई? इन टिप्पणियों ने स्पष्ट कर दिया कि कोर्ट इस मामले को गंभीरता से ले रही है और निष्पक्षता की कसौटी पर पूरी प्रक्रिया की जांच हो रही है।
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याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हरेंद्र नील ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में कई स्तर पर गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। सबूतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मीडिया से बातचीत में अधिवक्ता नील ने कहा कि हम चाहते हैं कि यह भर्ती रद्द हो और नए सिरे से निष्पक्ष परीक्षा आयोजित की जाए, ताकि योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
कोर्ट ने इस मामले में सभी संबंधित विभागों से नोट शीट तलब करते हुए अगली सुनवाई की तारीख मंगलवार आठ जुलाई तय की है। इस बहुचर्चित भर्ती से जुड़े हजारों युवा अभ्यर्थी कोर्ट के अगले कदम पर टकटकी लगाए बैठे हैं। इस सुनवाई से तय होगा कि क्या भर्ती बरकरार रहेगी या फिर इसे रद्द कर नए सिरे से प्रक्रिया चलाई जाएगी।
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