राजस्थान में प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत के मामलों और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने कई बड़े फैसले किए हैं। अब प्रदेश के सभी सरकारी डिलीवरी पॉइंट्स पर कार्यरत स्त्री रोग विशेषज्ञों की निगरानी और मार्गदर्शन संबंधित जिले के मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे। इसके लिए अगले पांच दिनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रशिक्षण और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की जानकारी दी जाएगी।
108 एम्बुलेंस में मिलेगा एंटी-शॉक गार्मेंट
प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से होने वाली मौतों को रोकने के लिए अब प्रदेश की सभी 108 आपातकालीन एम्बुलेंस में एंटी-शॉक एनएएसजी (NASG) गार्मेंट उपलब्ध कराया जाएगा। यह विशेष उपकरण अधिक रक्तस्राव की स्थिति में महिला की जान बचाने में मदद करता है। विभाग ने पैरामेडिकल स्टाफ को इसके उपयोग का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए हैं।
गंभीर एनीमिया पर विशेष निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को समय पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एसीएफ इंजेक्शन या आयरन सुक्रोज जैसी उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
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हर अस्पताल में बनेगा 'प्रसव सखी' काउंटर
सरकार ने इस सप्ताह के अंत तक सभी अस्पतालों में 'प्रसव सखी' काउंटर स्थापित करने और प्रसव सखी की नियुक्ति पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को सहायता और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
दौसा अस्पताल में लापरवाही पर कार्रवाई
समीक्षा के दौरान दौसा और सीकर के अस्पतालों के निरीक्षण की रिपोर्ट भी पेश की गई। रिपोर्ट में दौसा जिला अस्पताल के प्रसूति कक्ष और ऑपरेशन थिएटर में निर्धारित एसओपी का पालन नहीं मिलने पर प्रमुख शासन सचिव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चार्जशीट जारी करने और एक नर्सिंगकर्मी के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
निदेशालय स्तर पर बनेगा कैंसर सेल
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य निदेशालय स्तर पर कैंसर सेल का गठन किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में संचालित कैंसर स्क्रीनिंग वैन का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जहां भी स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाएंगे, वहां 10 दिन पहले से प्रचार-प्रसार किया जाएगा और प्रत्येक जिले में मासिक शिविर कैलेंडर तैयार होगा।
मौसमी बीमारियों पर भी फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पहले से तैयारी करने और विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए हैं।