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Rajasthan Politics: 'राजनीतिक हताशा है पीएम नरेंद्र मोदी की कांग्रेस पर टिप्पणी, पूर्व CM अशोक गहलोत का पलटवार

Sat, 28 Feb 2026 09:24 PM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने अजमेर में पीएम नरेंद्र मोदी की कांग्रेस पर टिप्पणी को राजनीतिक हताशा बताया। उन्होंने सरकारी मंच के दुरुपयोग, योजनाओं के नाम बदलने और ईआरसीपी पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने केंद्र से सामाजिक सुरक्षा और पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने की मांग की।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अजमेर में दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से कांग्रेस पर की गई टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जिस विचारधारा ने आजादी की लड़ाई में कोई भूमिका नहीं निभाई, उसका गौरवशाली इतिहास वाली कांग्रेस पर देश बांटने जैसे आरोप लगाना हास्यास्पद ही नहीं, बल्कि वैचारिक दिवालियेपन (Moral Bankruptcy) का प्रमाण है।

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‘विरोध करना देश का विरोध नहीं’
अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि मोदी जी, याद रखिए आपका विरोध करना देश का विरोध करना नहीं है। अपने आप को देश से बड़ा मानने की भूल मत करिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मंच का दुरुपयोग किया गया। गहलोत के अनुसार जनता को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री उनके द्वारा भेजे गए पत्र में उठाए गए जनहित के मुद्दों पर बात करेंगे, लेकिन मंच का उपयोग संकीर्ण राजनीति के लिए किया गया।
 
योजनाओं और कानूनों पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रश्न उठाया कि क्या प्रधानमंत्री पूरे देश में राजस्थान की तर्ज पर ‘Right to Health’ लागू नहीं करना चाहते। उन्होंने गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट और शहरी रोजगार गारंटी जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया और कहा कि ये सामाजिक सुरक्षा की दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं, जिन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी।
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ईआरसीपी (ERCP) को लेकर गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने केवल नाम बदला है और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता सच्चाई जानती है। पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय, उन्होंने राजस्थान के कड़े कानून की सराहना करने की सलाह दी, जिसमें आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार भी युवाओं के हित में ऐसा ही सख्त कानून बनाए।
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चुनावी वादों पर भी उठाया मुद्दा
अशोक गहलोत ने कहा कि बेहतर होता यदि प्रधानमंत्री विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार की योजनाएं बंद न करने की गारंटी पर कायम रहते और राजस्थान सरकार को बंद की गई योजनाएं पुनः शुरू करने का निर्देश देते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान में ‘डबल इंजन’ का नारा अब ‘डबल जीरो’ साबित हो रहा है।

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