जयपुर, 6 अक्टूबर। राजस्थान पुलिस अब पुलिसिंग में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को व्यापक और व्यवस्थित रूप देने की तैयारी में है। विभाग ने 24 ड्रोन एप्लीकेशन्स के क्रियान्वयन के लिए ड्राफ्ट रोडमैप तैयार किया है। इसमें निगरानी, सुरक्षा और विभिन्न पुलिस अभियानों में ड्रोन के संभावित इस्तेमाल के साथ उनकी परिचालन जरूरतों और मानकों को शामिल किया गया है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
24 ड्रोन एप्लीकेशन्स के लिए तैयार होगा रोडमैप
पुलिस विभाग के अनुसार ड्रोन तकनीक के व्यापक इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित 24 ड्रोन एप्लीकेशन्स के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट में पुलिसिंग के अलग-अलग क्षेत्रों में इसके संभावित उपयोग, परिचालन जरूरतों और व्यवस्थित क्रियान्वयन से जुड़े बिंदु शामिल हैं।
मुख्यालय से अनुमोदन मिलने के बाद ड्राफ्ट को आवश्यकतानुसार लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य राजस्थान पुलिस में ड्रोन के इस्तेमाल को व्यवस्थित, सुरक्षित, मानकीकृत और परिणामोन्मुख बनाना है।
ड्रोन संचालन से मिशन प्लानिंग तक प्रशिक्षण
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पुलिसिंग में ड्रोन के प्रभावी और सुरक्षित इस्तेमाल के लिए प्रतिभागियों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन सिमुलेशन, सर्विलांस ड्रोन ऑपरेशन, मिशन प्लानिंग और फ्लाइंग सेफ्टी जैसे विषय शामिल रहे।
दिन-रात सर्विलांस और मिशन फ्लाइट का अभ्यास
प्रशिक्षण को पुलिसिंग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ते हुए प्रतिभागियों को दिन और रात में ड्रोन सर्विलांस तथा मिशन आधारित फ्लाइट का अभ्यास कराया गया। इसमें परिचालन दक्षता, परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने और तकनीकी कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया।
दो अधिकारियों को DGCA का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के दो अधिकारियों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से जारी रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) भी एसएसडीटीएस के माध्यम से प्रदान किए गए।
आधुनिक तकनीक से स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से पुलिसिंग की कार्यक्षमता और परिचालन क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। ड्रोन वर्तमान समय में निगरानी, सुरक्षा और विभिन्न पुलिस ऑपरेशन्स में उपयोगी तकनीकी संसाधन के रूप में उभर रहे हैं।