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राजस्थान पुलिस SI भर्ती-2021: सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, हाईकोर्ट के आदेश को दी गई थी चुनौती

Wed, 24 Sep 2025 02:34 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान पुलिस SI भर्ती-2021 मामले में आज (24 सितंबर) सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हो रही है। याचिकाकर्ता कैलाशचंद्र शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा भर्ती रद्द करने के आदेश पर रोक लगाई गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 से जुड़े प्रकरण में आज (24 सितंबर) सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस मामले में याचिकाकर्ता कैलाशचंद्र शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा भर्ती रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी गई थी। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को एसआई भर्ती को रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने अपील की, जिस पर डिवीजन बेंच ने 8 सितंबर को सुनवाई करते हुए एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने कहा था कि एकलपीठ जिन रिपोर्ट्स पर आधारित होकर फैसला सुनाया, वे अप्रमाणिक थीं। इसलिए पूरे मामले की नए सिरे से जांच आवश्यक है।

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डिवीजन बेंच के इस फैसले के खिलाफ कैलाशचंद्र शर्मा और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। चयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट भी दायर कर रखा है, ताकि कोर्ट उनके बिना कोई आदेश पारित न कर सके। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ऋषभ संचेती के अनुसार डिवीजन बेंच के आदेश को चार प्रमुख आधारों पर चुनौती दी गई है। पहला, खंडपीठ यह नहीं कह सकती कि एकलपीठ ने अप्रमाणिक रिपोर्ट पर आधारित होकर निर्णय दिया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही राफेल मामले में स्पष्ट कर चुका है कि याचिकाकर्ता को सोर्स बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

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दूसरा, अदालत किसी दस्तावेज की प्रमाणिकता पर सीधे तौर पर निर्णय नहीं कर सकती। किसी रिपोर्ट को तभी दरकिनार किया जा सकता है जब यह साबित हो कि वह फर्जी या कूटरचित है। तीसरा, एकलपीठ ने पहले ही ट्रेनी एसआई की फील्ड ट्रेनिंग पर रोक लगाई थी और उस समय खंडपीठ ने भी उस रोक को सही ठहराया था, लेकिन अब फील्ड ट्रेनिंग की अनुमति दी गई है।
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चौथा, एकलपीठ ने आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर स्वप्रेरणा से संज्ञान लिया था जिसे मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका मानकर सूचीबद्ध किया। लेकिन खंडपीठ द्वारा पूरे आदेश पर रोक लगाए जाने से इस मामले में भी सुनवाई प्रभावित हो गई है। आज सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनमोहन की बेंच इस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसका असर हजारों चयनित और प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ेगा।

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