जयपुर पुलिस ने राज्य में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया। इस राज्यव्यापी महाअभियान के तहत पुलिस की टीमों ने केवल एक ही दिन में प्रदेश के 17,049 चिह्नित संदिग्ध ठिकानों पर अचानक ताबड़तोड़ दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7744 अपराधियों और असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया।
अभियान के लिए गठित हुईं विशेष टीमें
प्रदेशव्यापी स्ट्राइक को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ने 12,151 पुलिस अधिकारियों और जवानों को मिलाकर कुल 2,961 विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों को विभिन्न जिलों में चिह्नित ठिकानों पर छापेमारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस का मुख्य ध्यान संगठित अपराध, नशे की तस्करी, जघन्य अपराधों में संलिप्त तत्वों और आदतन अपराधियों को पकड़ने पर रहा। अभियान के दौरान पुलिस ने 55 इनामी अपराधियों तथा 354 हार्डकोर अपराधियों, सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों एवं मादक पदार्थ तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा। इसके अतिरिक्त पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में वांछित 95 अपराधियों को दबोचा। पुलिस की टीमों ने आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट में 141 तथा आबकारी अधिनियम के तहत 173 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।
वारंटियों और सक्रिय बदमाशों पर कार्रवाई
अभियान के तहत पुलिस ने अदालतों से भगोड़े, स्थायी वारंटी, उद्घोषित अपराधी तथा 335 बीएनएसएस के तहत 922 आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने गोलीबारी और अवैध हथियारों के मामलों में चालान किए गए 164 सक्रिय अपराधियों पर भी शिकंजा कसा। इस दौरान पुलिस ने 787 नए आपराधिक मामले दर्ज किए। सामान्य मुकदमों में वांछित चल रहे 677 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने 170 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए 3,283 व्यक्तियों और अन्य मामलों में 1,756 व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इस प्रकार पुलिस ने प्रदेश भर में कुल 7,744 गिरफ्तारियां दर्ज कीं।
जिलों में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
सभी जिलों और संभागीय मुख्यालयों में पुलिस टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से सघन अभियान चलाया। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, टोंक जिले में 97 टीमों ने 363 स्थानों पर दबिश देकर सबसे ज्यादा 407 अपराधियों को गिरफ्तार किया। भीलवाड़ा जिले में 133 टीमों ने 305 ठिकानों पर कार्रवाई कर 330 आरोपियों को पकड़ा, जबकि अजमेर में 122 टीमों ने 598 ठिकानों पर दबिश देकर 280 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। उदयपुर जिले में 115 टीमों ने 932 ठिकानों की जांच कर 354 अपराधियों को गिरफ्तार किया। झालावाड़ जिले में पुलिस ने 194 गिरफ्तारियां कीं, जिनमें सर्वाधिक 70 हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर बदमाश शामिल थे। चित्तौड़गढ़ में 89 टीमों ने 165 आरोपियों को पकड़ा। धौलपुर में 246, बीकानेर में 204, डीग में 291, हनुमानगढ़ में 241, चूरू में 233, पाली में 226 और अलवर में 207 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
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राजधानी और जोधपुर संभाग का रिपोर्ट कार्ड
राजधानी जयपुर में पुलिस आयुक्तालय की विभिन्न टीमों ने व्यापक धरपकड़ की। जयपुर वेस्ट की 51 टीमों ने 332 ठिकानों पर दबिश देकर 27 हार्डकोर और 30 स्थायी वारंटियों सहित 215 अपराधियों को गिरफ्तार किया, जो जयपुर में सर्वाधिक संख्या है। जयपुर नॉर्थ की 41 टीमों ने 196 ठिकानों से 178, जयपुर ईस्ट की 60 टीमों ने 354 स्थानों से 173 तथा जयपुर साउथ की 48 टीमों ने 299 ठिकानों से 142 अपराधियों को दबोचा। जयपुर ग्रामीण की 61 टीमों ने 430 ठिकानों पर कार्रवाई कर 101 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा।
जोधपुर संभाग में जोधपुर ईस्ट की 48 टीमों ने 426 ठिकानों की जांच कर 10 हार्डकोर और 58 स्थायी वारंटियों समेत 178 अपराधियों को पकड़ा। जोधपुर वेस्ट में पुलिस ने 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने 216 ठिकानों पर दबिश देकर 11 इनामी बदमाशों और 23 स्थायी वारंटियों सहित 67 आरोपियों को दबोचा। वहीं, जीआरपी अजमेर ने 18 और जीआरपी जोधपुर ने 40 असामाजिक तत्वों को पकड़ा।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर कायम करने के लिए पुलिस ऐसी बड़ी दबिशें आगे भी जारी रखेगी।