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Rajasthan News: 31 जुलाई तक नहीं होंगे पंचायत-निकाय चुनाव! ओबीसी आरक्षण में देरी से अटका मामला

Tue, 07 Jul 2026 04:40 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान हाईकोर्ट के 31 जुलाई तक चुनाव कराने के निर्देशों के बावजूद पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव समय पर होते नहीं दिख रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम संभव होने की बात कही है।
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मुश्किल में पड़े पंचायत-निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराए जाने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव संपन्न कराने के लिए आरक्षण निर्धारण के बाद कम से कम 90 दिन की आवश्यकता होगी। ऐसे में राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा 31 जुलाई तक चुनाव कराने के निर्देशों के बावजूद तय समय सीमा में चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा है।

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आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि चुनाव प्रक्रिया तभी शुरू हो सकती है, जब राज्य सरकार अथवा ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिला वर्ग के लिए आरक्षण का अंतिम निर्धारण कर विभाग आयोग को उपलब्ध करा दे। दरअसल राजस्थान हाईकोर्ट ने 22 मई को राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि अब तक ओबीसी आरक्षण का निर्धारण नहीं हो सका है, जिससे पूरी चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो गई है।

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पंचायती राज विभाग ने आयोग को लिखे पत्र में बताया है कि ओबीसी आयोग ने आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट 14 अगस्त 2026 तक सौंपने की जानकारी दी है। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद 31 अगस्त तक सभी वर्गों के लिए आरक्षण का निर्धारण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आयोग से चुनाव कार्यक्रम की संभावित समय-सीमा पूछी गई थी। इसके जवाब में राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि आरक्षण निर्धारण के बाद चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न की जा सकती है। आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि बढ़ी हुई पंचायतों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए पंचायत चुनाव चार चरणों में तथा नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाने की संभावना है।
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इस बीच बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट निर्धारित समय पर नहीं आती है तो क्या चुनाव फिर टलेंगे या फिर राज्य निर्वाचन आयोग सुप्रीम कोर्ट के मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव मामले में दिए गए फैसले के आधार पर बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराने का विकल्प अपनाएगा। फिलहाल इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की आगामी कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

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