राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन का कल आखिरी दिन है, लेकिन कांग्रेस ने अब तक उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है। पार्टी में टिकट की सूची का इंतजार कर रहे दावेदारों के बीच अब चर्चा है कि कांग्रेस सूची जारी करने के बजाय सीधे अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न (सिंबल) दे सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कल ही सिंबल जारी करने की तैयारी है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर को होना है। ऐसे में कांग्रेस के पास उम्मीदवारों के नाम तय करने और अधिकृत प्रत्याशियों को सिंबल देने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।
सूची नहीं, सीधे सिंबल से खुलेगा टिकट का पत्ता?
कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर कई दिनों से मंथन चल रहा है। जिला और ब्लॉक स्तर से मिले नामों के पैनल पर वरिष्ठ नेता विचार कर रहे हैं। इसके बावजूद उम्मीदवारों की सूची सामने नहीं आई है। अब पार्टी सूत्रों से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस अलग से सूची जारी करने के बजाय सीधे प्रत्याशियों को सिंबल देकर टिकट का ऐलान कर सकती है।
यदि पार्टी इसी रणनीति पर आगे बढ़ती है तो नामांकन के आखिरी दिन ही साफ होगा कि किस दावेदार को पार्टी का आधिकारिक समर्थन मिला है। इससे टिकट के इंतजार में बैठे नेताओं और कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ गई है। वहीं, टिकट से वंचित रहने वाले दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने की आशंका भी बनी हुई है।
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75 प्रतिशत टिकट युवाओं को देने का दावा
पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस पंचायत चुनाव में करीब 75 प्रतिशत टिकट युवाओं को देने पर जोर देगी। उनके मुताबिक, उम्मीदवारों के चयन में नेताओं की व्यक्तिगत पसंद के बजाय जनता की राय और जमीनी फीडबैक को प्राथमिकता दी जाएगी।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि पार्टी के पर्यवेक्षकों ने पिछले 15 से 20 दिनों में वार्डों का दौरा कर स्थानीय लोगों और मतदाताओं से बातचीत की है। संभावित उम्मीदवारों की क्षेत्र में पकड़ और जनता के बीच उनकी छवि को लेकर जानकारी जुटाई गई है। पार्टी का कहना है कि उम्मीदवारों के चयन में इस फीडबैक को अहमियत दी जाएगी।
गहलोत-पायलट समेत वरिष्ठ नेता कर रहे मंथन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित वरिष्ठ नेता टिकट वितरण को लेकर चर्चा कर रहे हैं। जिला और ब्लॉक स्तर से मिले पैनल के आधार पर उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जा रहा है।
अब पार्टी के सामने उम्मीदवारों के चयन के साथ असंतोष को संभालने की चुनौती भी है। सीधे सिंबल बांटने की रणनीति पर अमल होता है तो कल कई दावेदारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला हो सकता है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से सिंबल जारी करने को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।