थाने पर पथराव के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में की हवाई फायरिंग
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जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ के रायसर में बकरी चरा रहे युवक की आत्महत्या का मामला शुक्रवार को उग्र हो गया। परिजनों का आरोप है कि युवक ने वनकर्मियों की मारपीट से परेशान होकर यह कदम उठाया। घटना के विरोध में ग्रामीण गुरुवार रात से धरने पर बैठे थे और उन्होंने एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिजन को सरकारी नौकरी और अन्य मांगें रखीं।
प्रशासन-ग्रामीणों के बीच वार्ता विफल
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे। पूर्व विधायक गोपाल मीणा, प्रधान मानसी मीणा और जिला पार्षद भगवान मुक्कड़ भी आंदोलनकारियों के साथ खड़े नजर आए। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से एसडीएम ललित मीणा, सीओ प्रदीप यादव और आंधी तहसीलदार प्रांजल कंवर ने वार्ता की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
थाने पर भीड़ का हमला
शुक्रवार दोपहर रायसर थाने में विधायक महेंद्र पाल मीणा की मौजूदगी में सुलह वार्ता चल रही थी। इसी बीच गुस्साई भीड़ अचानक थाने पहुंच गई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और लोगों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। थाने के बाहर खड़े वाहनों पर पत्थर फेंके गए, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
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पुलिस की जवाबी कार्रवाई
भीड़ के उग्र होते ही पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग कर स्थिति काबू में करने की कोशिश की। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से भगदड़ मच गई और लोग एनएच-148 की ओर भागने लगे। इसी दौरान रायसर और आसपास के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गया।
हालात पर सख्त नजर
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। थाने और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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