जयपुर-अजमेर हाईवे पर आज सुबह एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने लोगों को दहलाकर रख दिया। NH-48 पर मोखमपुरा के पास मेथेनॉल से लदा टैंकर पलटते ही आग का गोला बन गया। हादसे में ड्राइवर राजेन्द्र टैंकर के साथ जिंदा जल गया और किसी को उसे बचाने तक का मौका नहीं मिला।
सुबह करीब 8:30 बजे जैसे ही टैंकर पलटा, एक जोरदार धमाके के साथ चारों तरफ काले धुएं का गुबार फैल गया। टैंकर में भरा मेथेनॉल बेहद ज्वलनशील था, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। चिंगारियों ने इतना तेज रूप धारण किया कि लोग समझ नहीं पाए क्या हुआ और फिर जो हुआ, वो किसी खौफनाक दृश्य से कम नहीं था।
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हादसे के बाद हाईवे पर भगदड़ मच गई। लोग अपने वाहन वहीं छोड़कर खेतों की ओर भागने लगे। कोई स्कूटी फेंककर दौड़ा, कोई कार से बच्चों को लेकर खुले में भागा। चश्मदीद विशाल ने बताया कि मैं जयपुर की तरफ जा रहा था, तभी सामने टैंकर पलटा और ब्लास्ट हुआ। मैं कार से कूदकर पीछे की तरफ भागा, हर कोई जान बचाने के लिए भाग रहा था।
दमकल की कई गाड़ियां और मोखमपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आग को बुझाने के लिए फोम का इस्तेमाल किया गया। लेकिन जब तक टीम पहुंची, तब तक टैंकर पूरी तरह जल चुका था और अंदर मौजूद ड्राइवर की जान जा चुकी थी। पुलिस ने पुष्टि की कि मृतक ड्राइवर की पहचान राजेन्द्र के रूप में हुई है। उसका शव टैंक में फंसा रहा और आग की चपेट में आकर पूरी तरह से जल गया।
इस दर्दनाक हादसे ने ट्रैफिक व्यवस्था को भी चरमरा दिया। हाईवे पर करीब दो घंटे तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने एक ओर से ट्रैफिक डायवर्ट कर आवागमन चालू करवाया। प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक टैंकर की तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण बिगड़ना वजह हो सकता है।