विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन में सदस्यों के लिए फिर नई व्यवस्था दी है। सदन में बीच-बीच में टोकाटाकी से नाराज स्पीकर ने कहा कि सदन में बैठे-बैठे ना बोलें, यदि किसी सदस्य को लगता है उत्तर सही नहीं है, तो पुस्तक में उसके भी प्रावधान दिए हुए हैं। देवनानी बोले आप प्रावधान के अंतर्गत आएं, जरूरत महसूस हुई तो मैं आपको समय दूंगा और चर्चा जरूरी हुई तो चर्चा भी करवाऊंगा।
सत्ता पक्ष के जवाब से नाराज विपक्ष को देवनानी ने कहा कि हर तरफ के अनुकूल उत्तर आए संभव नहीं है। यदि उत्तर गलत है तो मैं आपको सही उत्तर दिलाने का प्रयत्न करूंगा। सदन में जब हम भाषण करते हैं तो कोई किसी को टोके नहीं, हमारी भाषा में शालीनता रहे। देवनानी ने कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा को भी सदन में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने पर चेतावनी दी। देवनानी ने कहा कि गणेश घोघरा की भाषा सही नहीं थी, सही भाषा काम में लें। किसी के भाषण दौरान कोई सदस्य खड़ा हुआ तो एक्शन लिया जाएगा।
स्पीकर के बोलते वक्त कोई खड़ा हुआ तो एक्शन
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जब आसन पैरों पर खड़ा हुआ होता है तो भी कुछ सदस्य खड़े होकर इधर-उधर चलते रहते हैं या सदन में अंदर चले आते हैं। उन्होंने कहा कि आसन जब भी पैरों पर हो तो बाहर से कोई आकर न बैठे। आसन के बोलते वक्त कोई सीट पर बैठे नहीं, ना ही प्रवेश करें। कोई सदस्य बोल रहा हो तो उनके सामने से कोई सदस्य ना गुजरे। सदन में कई सदस्य फोन चलाते नजर आते हैं। इस पर भी स्पीकर ने हिदायत देते हुए कहा कि फोन पर बात करना प्रतिबंधित है। संबंधित अधिकारी दीर्घा में रहें वरना एक्शन लिया जाएगा।