दिवंगत मूर्तिकार हिम्मत शाह की फाइल फोटो।
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भारतीय समकालीन मूर्तिकला के प्रमुख स्तंभों में से एक हिम्मत शाह का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 92 वर्ष की उम्र में शाह ने अपनी अंतिम सांस ली। उनको सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद जयपुर के वैशालीनगर स्थित शेल्बी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके करीबी मित्र हिमांशु जांगिड़ के अनुसार शाह पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ थे, बावजूद वे अपने स्टूडियो में निरंतर कार्यरत थे।
सोमवार को जयपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गुजरात से उनके परिजन यहां पहुंचेंगे। हिम्मत शाह अपने पीछे दो बहनों को छोड़ गए हैं, जो उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगी।
शाह ने हाल ही में विद्याधर नगर में तीन मंजिला आर्ट स्टूडियो तैयार किया था। वैसे तो हिम्मत शाह का जन्म गुजरात में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपना सारा जीवन जयपुर को समर्पित किया। यही उनका कार्यक्षेत्र रहा। उनका सपना था कि युवा कलाकारों के लिए एक कला संस्थान स्थापित किया जाए, जहां वे अपनी कला को निखार सकें।
उन्होंने मूर्तिकला में एक अनूठी शैली विकसित की और उनकी कलाकृतियां दुनियाभर में प्रसिद्ध हुईं। शाह की कृतियों में कांस्य और टेराकोटा माध्यम का अद्भुत प्रयोग देखने को मिलता है।