राजस्थान विधानसभा में सोमवार को शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस सरकार के समय खोले गए अंग्रेजी मीडियम और स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में खाली पदों के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इस दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में पद सृजन को लेकर उठे सवाल
बीजेपी विधायक बालकनाथ के सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 3737 स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम में परिवर्तित कर दिया था, लेकिन इन स्कूलों के लिए एक भी नया पद सृजित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों के इतने बड़े पैमाने पर स्कूल खोल देना शिक्षा व्यवस्था के लिए व्यावहारिक नहीं है।
कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों का दिया उदाहरण
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कई ऐसे स्कूल हैं जहां एक, दो या दस ही विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ऐसे में वहां हर विषय के शिक्षक नियुक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इतने कम विद्यार्थियों के लिए पूरे स्टाफ की नियुक्ति करना प्रशासनिक दृष्टि से भी उचित नहीं माना जा सकता।
डोटासरा पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शिक्षा मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों का कैडर बनाया गया था और पूछा कि उसका क्या हुआ। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में इस समय कितने पद खाली हैं और सरकार उन्हें कब भरेगी।
इसी दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पता नहीं भांग खाकर स्कूल खोल दिए। इस बयान पर टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि एक शिक्षा मंत्री के रूप में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है और मंत्री को गंभीरता से जवाब देना चाहिए।
मंत्री ने दी बयान पर सफाई
विवाद बढ़ने पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान टीकाराम जूली के लिए नहीं था, बल्कि उस समय के शिक्षा मंत्री रहे गोविंद सिंह डोटासरा के संदर्भ में कहा गया था।
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खेल विभाग में भर्ती की घोषणा
इसी बीच सदन में खेल विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय भी सामने आया। निर्दलीय विधायक युनूस खान के सवाल का जवाब देते हुए खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि विभाग में लंबे समय बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि खेल विभाग में 140 स्थायी और 700 अस्थायी कोच की भर्ती की जाएगी।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने का उद्देश्य
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्ष 2012 के बाद पहली बार खेल विभाग में इस प्रकार की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उनके अनुसार इससे प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलने की संभावना बढ़ेगी।