बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम अवेयरनेस मिशन के तहत आयोजित राजस्थान पुलिस हैकथॉन के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में बेढ़म ने कहा कि वर्तमान परिवेश में सोशल मीडिया के उपयोग से सुविधाएं तो बढ़ी हैं लेकिन इससे संबंधित अपराधों में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने सभी जिलों में साइबर विशेषज्ञ व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में टीम गठित करने का सुझाव दिया।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सीईओ राजेश कुमार ने इस अवसर पर बताया कि यह संस्थान देश में साइबर अपराध से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय की एक पहल है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय की आवश्यकता होती है ऐसे में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र देश में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए एक नोडल बिंदु के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों को आसानी से दर्ज करने और अपराध के पैटर्न की पहचान करने की सुविधा देना भी संस्था का उद्देश्य है।
एसीएस गृह आनन्द कुमार ने कहा कि निरंतर बढ़ते साइबर अपराध को रोकना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इन्हें रोकने के लिए निरंतर नई तकनीक की आवश्यकता है। साथ ही पीड़ित व्यक्ति इससे लाभान्वित करना ही केंद्र का मुख्य उद्देश्य है।
पुलिस महानिदेशक यू.आर. साहू ने इस अवसर पर कहा कि राजस्थान पुलिस हैकथॉन का शुभारंभ कर साइबर सुरक्षा की दृष्टि से एक अभिनव शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस 2 दिवसीय हैकथॉन में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों, रिसर्च लैबों और स्टार्टअप्स के 1665 प्रतिभागियों द्वारा पंजीयन करवाया गया है।
हैकथॉन के विजेताओं को विभिन्न श्रेणियों में कुल 20 लाख रुपये के नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के साथ ही इच्छुक टीमों को राजस्थान पुलिस के इंटर्नशिप प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि राजस्थान पुलिस प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर बनाने, महिलाओं सहित कमजोर वर्गों को त्वरित न्याय दिलाने एवं आमजन के जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर एडीजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
डीजीपी साइबर सुरक्षा डॉ रविप्रकाश मेहरड़ा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए इस हैकथॉन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पुलिस के समक्ष निरंतर चुनौती प्रस्तुत कर रहे हैं। ऐसे में अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस द्वारा हैकथॉन का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में अधिक से अधिक जनभागीदारी पर भी बल दिया गया है।
एडीजी मुख्यालय संजय अग्रवाल ने गृह राज्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डीजीपी कानून व्यवस्था राजीव शर्मा, डीजीपी राजेश निर्वाण, डीजीपी एसीबी हेमन्त प्रियदर्शी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।