राजस्थान में विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सियासी गरमाहट तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने आज मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर दिया। सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में यह बैठक आज विधानसभा में बुलाई गई थी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि शुरुआत से ही भाजपा सरकार की विधानसभा सत्र को लेकर मंशा स्पष्ट नहीं है। जहां विधानसभा अध्यक्ष चाहते हैं कि सत्र लंबा चले और जनता से जुड़ी गहन चर्चा हो, वहीं सरकार की कोशिश सत्र को जल्दबाजी में खत्म करने की है ताकि जवाबदेही से बचा जा सके।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में वरिष्ठ विधायक नरेन्द्र बुढ़ानिया को विशेषाधिकार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के कुछ ही दिनों बाद अपमानजनक ढंग से हटा दिया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह एकतरफा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
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पार्टी ने विधानसभा की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले जहां जनता के सवालों के जवाब पोर्टल पर अपलोड होते थे, इस बार वह भी नहीं किए गए। जूली ने कहा कि क्या सरकार को जवाब देने से डर लग रहा है?
कांग्रेस ने पंचायत और नगरीय निकायों के चुनाव टालने, छात्रसंघ चुनावों के विरोध में हलफनामा देने और विपक्षी नेताओं की अनदेखी को भी लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार चुन-चुनकर विपक्षी दलों के प्रधानों और चेयरमैनों को हटाने का प्रयास कर रही है।
राज्य की शिक्षा व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला। स्कूलों की गिरती छतों की मरम्मत के लिए सरकार विधायकों से निधि की मांग कर रही है, जबकि जयपुर में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और JECC जैसे बड़े केंद्र मौजूद होने के बावजूद 3500 करोड़ रुपये का नया कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। किसानों को खाद और डीएपी की किल्लत झेलनी पड़ रही है और वे घंटों-घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं लेकिन सरकार समाधान देने की बजाय मौन है।
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कांग्रेस ने याद दिलाया कि 2020 में उनकी सरकार के समय मुख्यमंत्री ने सभी 200 विधायकों और 25 सांसदों से एक साथ संवाद किया था लेकिन वर्तमान सरकार केवल अपने विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों की बात सुन रही है, विपक्ष की नहीं।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह 2 सितंबर को विधायक दल की बैठक करेगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ नेता शामिल होंगे और वहीं आगे की रणनीति तय की जाएगी।