पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरों में कमी की मांग को लेकर राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर आज 10 मार्च को सुबह 6 बजे से प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर हड़ताल शुरू हो गई है। यह हड़ताल 12 मार्च सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी। हालांकि, कई जिलों के पेट्रोल पंप संचालक हड़ताल में शामिल नहीं हुए। जोधपुर, कोटा, भीलवाड़ा, अजमेर और जैसलमेर में कई पेट्रोल पंप खुले हुए हैं।
जयपुर सहित इंटर स्टेट बॉर्डर वाले जिलों में हड़ताल का अधिक असर देखा जा रहा है। यहां से लोग यूपी, हरियाणा में पेट्रोल-डीजल भरवाने जा रहे हैं। पेट्रोल पंपों की इस हड़ताल के कारण सरकार को प्रतिदिन 35 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। उदयपुर और जयपुर जैसे पर्यटक स्थलों पर आमजन के साथ-साथ टूरिस्टों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान में पेट्रोल पंप बंद होने का असर यहां से दूसरे राज्यों में जाने वाली गाड़ियों के साथ ही अन्य जिलों से आ रही गाड़ियों पर भी नजर आ रहा है। हालांकि आज हड़ताल का इतना असर नहीं है लेकिन कल इसका व्यापक असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा। इसके पहले भी एसोसिएशन ने 13, 14 और 15 सितंबर को इसी मांग के साथ हड़ताल की थी, लेकिन सरकार ने कमेटी का गठन कर पेट्रोल पंप की हड़ताल को खत्म करवा दिया था।
अपनी मांगों को लेकर पेट्रोल पंप संचालक 11 मार्च को जयपुर में सचिवालय का घेराव भी करेंगे। पंप संचालकों का कहना है कि बढ़े हुए वैट की वजह से पेट्रोल पंप संचालकों को लगातार घाटा हो रहा है। साथ ही पिछले 7 सालों से डीलर्स के कमीशन में बढ़ोतरी नहीं की जाने की वजह से राजस्थान में ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
प्रदेश में लगभग 5800 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से हड़ताल के दौरान जयपुर, सीकर, पाली, श्रीगंगानगर सहित कई जिलों के 4000 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद हैं।