हरियाणा के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन, कैंपेन से लेकर सरकार गठन करवाने तक की जिम्मेदारी अब राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत को सौंपी गई है। लगभग 3 महीने तक स्लिप डिस्क से पीड़ित रहने के बाद गहलोत अब फिर से अपने रंग में नजर आने लगे हैं। एआईसीसी ने शनिवार को हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए तीन सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। इनमें सबसे पहला नाम अशोक गहलोत, दूसरे नंबर पर कांग्रेस के महासचिव अजय माकन व तीसरे पर पंजाब में कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा का नाम शामिल है।
एआईसीसी ने शनिवार को राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत को हरियाणा चुनाव का सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया है। यानी हरियाणा में कांग्रेस की सरकार के गठन से लेकर मुख्यमंत्री तय करने तक की जिम्मेदारी अब अशोक गहलोत की होगी। स्लिप डिस्क से पीड़ित होने के कारण गहलोत करीब 3 महीने से घर पर ही चिकित्सकीय परामर्श ले रहे थे लेकिन 6 सितंबर को उन्होंने ट्वीट कर कर ऐलान किया कि अब मैं स्वस्थ्य हूं। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पहले हरियाणा के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया और अब शनिवार को हरियाणा चुनावा का सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया। उनके साथ कांग्रेस के अजय माकन और प्रताप सिंह बाजवा को भी सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया है लेकिन इस लिस्ट में गहलोत का नाम सबसे ऊपर होने के भी अलग सियासी मायने हैं।
स्टार प्रचारकों में भी गहलोत का नाम
इससे पहले कांग्रेस ने हरियाणा के लिए जो स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गई थी, उनमें राजस्थान से अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंदसिंह डोटासरा का नाम भी शामिल किया गया है।
जानिए क्या हैं सीनियर ऑब्जर्वर के काम
किसी राज्य में चुनाव प्रबंधन, चुनाव कैंपेन, घोषणा पत्र से लेकर सरकार गठन करवाने व इसके बाद सीएम का नाम तय करवाने तक की जिम्मेदारी सीनियर ऑब्जर्वर की होती है। एआईसीसी ने शनिवार को हरियाणा चुनावों के लिए जो सीनियर ऑब्जर्वर की सूची जारी की है, उसमें सबसे पहले अशोक गहलोत का नाम है। हालांकि अजय माकन इस चुनाव में स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन रह चुके हैं लेकिन टिकट बंटवारे के बाद सबसे अहम जिम्मेदारी सीनियर ऑब्जर्वर की ही होती है। पूरा चुनाव उन्हीं की देखरेख में लड़ा जाता है।