राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने वाले रहीस भारती और उनके प्रसिद्ध धोद बैंड अपनी 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्ल्ड टूर के लिए रवाना हो रहा है। इस ऐतिहासिक दौरे की शुरुआत 6 मार्च से फ्रांस के लूमो शहर से होगी, जिसके बाद बैंड विभिन्न देशों में राजस्थान की लोक कला और संगीत का जादू बिखेरेगा।
29 मार्च को राजस्थान दिवस के मौके पर धोद बैंड इटली में प्रवासी राजस्थानियों के बीच विशेष प्रस्तुति देगा। इस कार्यक्रम के लिए भारतीय दूतावास ने विशेष रूप से आमंत्रित किया है। यह टूर राजस्थान और भारत की लोक कला को दुनिया के सबसे बड़े मंचों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
700 से अधिक कलाकारों को दिला चुके हैं पहचान
रहीस भारती और धोद बैंड 119 देशों में 1,500 से अधिक लाइव परफॉर्मेंस कर चुका है। अब तक 700 से अधिक कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला चुके हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा में भी 25 से अधिक कलाकार राजस्थान के संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे।
फ्रांस से भव्य शुरुआत, कई देशों में प्रस्तुतियां
धोद बैंड का यह अंतरराष्ट्रीय दौरा 6, 8 और 11 मार्च को फ्रांस के लूमो शहर से आरंभ होगा। इसके बाद 21 से 30 मार्च तक फ्रांस के रैन शहर में आयोजित इंडिया फेस्टिवल में भाग लेंगे, जहां 20,000 से अधिक दर्शकों के जुटने की संभावना है। इसके बाद धोद बैंड स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, इटली, फिनलैंड, रियूनियन आइलैंड सहित कई देशों में अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां देगा।
धोद बैंड: राजस्थान की धड़कन, भारत की पहचान
सीकर जिले के धोद गांव में जन्मे रहीस भारती ने राजस्थान के परंपरागत लोक संगीत, कालबेलिया, घूमर और सूफी संगीत को दुनिया के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचाया है। फ्रांस की प्रसिद्ध लेखिका मार्टिन ले कोज़ ने उनके जीवन पर "Dhoad: Heartbeat of Rajasthan" नामक पुस्तक भी लिखी है। धोद बैंड ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के डायमंड जुबली समारोह, ग्रीस ओलंपिक (2004), फॉर्मूला 1 सिंगापुर ग्रांप्री और 'नमस्ते फ्रांस 2023' जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
भारत की सांस्कृतिक पहचान
रहीस भारती ने कहा, "धोद बैंड केवल एक संगीत समूह नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा और भारत की सांस्कृतिक पहचान है। यह वर्ल्ड टूर हमारी गौरवशाली यात्रा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा, जिससे राजस्थान की लोक कला और संगीत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां मिलेंगी।"
संस्कृति की विरासत को दुनिया तक पहुंचाने की पहल
धोद बैंड का यह वर्ल्ड टूर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत की संस्कृति और परंपराओं को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने का प्रयास है। यह गौरवशाली यात्रा राजस्थान की समृद्ध लोक कला और संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।