फर्जी डिग्री से लेकर छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में यूजीसी ने राजस्थान की चूरू के ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, अलवर की सनराइज यूनिवर्सिटी और झुंझुनू में सिंघानिया यूनिवर्सिटी पर पांच साल के लिए बैन लगा दिया है। इन तीनों यूनिवर्सिटीज का फर्जीवाड़ा पिछले साल ही राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की जांच में सामने आ गया था। इनमें से ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, सनराइज यूनिवर्सिटी के संचालकों को तो SOG गिरफ्तार भी कर चुकी है।
ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा
प्रदेश में पूर्व में हुई भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच/ सत्यापन के दौरान राजस्थान लोकसेवा आयोग को ओ.पी.जे.एस. विश्वविद्यालय, चुरू की अनेक डिग्रियां फर्जी होने के तथ्य संज्ञान में आए। इसके बाद मामले की जांच SOG को सौंप दी गई। जांच में पता चला कि विश्वविद्यालय द्वारा बिना अध्यापन के कूटरचित तरीके से डिग्रियां जारी की गई हैं। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चुरू में व्याप्त अनियमितताओं की अधिनियम 2013 की धारा 44 की उप धारा 2 एवं 3 के तहत जांच की गई।
शिकायती पत्र से हुआ था रैकेट का खुलासा
पिछले साल राजस्थान की कुछ यूनिवर्सिटीज को लेकर सीएमओ में एक शिकायती पत्र लिखा गया था, जिसमें कहा गया था कि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में छात्रवृत्ति रिलीज करने के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रियां भी दी जा रही हैं।
अब 5 साल तक एडमिशन नहीं
यूजीसी ने फर्जीवाड़े में लिप्त इन तीनों यूनिवर्सिटीज पर पांच साल के लिए बैन लगा दिया है। अब ये विश्वविद्यालय अगले पांच साल यानी 2025-26 से 2029-30 तक पीएचडी कार्यक्रमों में एडमिशन नहीं दे पाएंगे।