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Rajasthan News: प्रदेशभर में अकीदत और भाईचारे के साथ मनाई गई ईद-उल-अजहा, देश में अमन-चैन की दुआ मांगी

Thu, 28 May 2026 05:09 PM IST
Priya Verma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में ईद-उल-अजहा का त्योहार इस बार भी आपसी सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनकर सामने आया। मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।
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प्रदेश भर में धूमधाम से मनाई ईद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेशभर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। राजधानी जयपुर सहित अजमेर, अलवर, दौसा, झालावाड़ और अन्य शहरों में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

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अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में भी ईद-उल-अजहा के मौके पर विशेष नमाज अदा की गई। दरगाह की ऐतिहासिक शाहजहानी मस्जिद में सुबह से ही जायरीन और अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही। लोगों ने ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में हाजिरी देकर मुल्क में शांति, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद दरगाह परिसर में लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। धूप और गर्मी को देखते हुए दरगाह प्रशासन और अंजुमन कमेटी की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।

झालावाड़ में ईदगाह परिसर में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने पारंपरिक तरीके से कुर्बानी की रस्म निभाई। ईदगाह सदर शराफत अली अब्बू ने बताया कि त्योहार के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। यहां ईदगाह समिति की ओर से पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों का साफा पहनाकर स्वागत भी किया गया। समाज के लोगों ने आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया।
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यहां मौजूद मुस्लिम समाज के सदस्य कम सिद्दीकी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ईद के इस पावन अवसर पर सभी समाज के लोग भाईचारे के साथ यह त्योहार मनाएं, कुर्बानी की रस्म के दौरान किसी भी अन्य लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय को जल्दी ही राष्ट्र पशु घोषित किया जाना चाहिए, हम इसकी कुर्बानी के खिलाफ हैं।

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अलवर शहर के नया बांस स्थित ईदगाह में भी ईद-उल-अजहा का पर्व धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन और खुशहाली की दुआ की। मौलाना अमजद ने अपने संबोधन में कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी और इंसानियत का पर्व है, जो समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। नमाज के बाद लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों से मुलाकात कर त्योहार की खुशियां साझा कीं।
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दौसा जिले में भी ईद-उल-अजहा का पर्व कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनकर सामने आया। मुख्य ईदगाह मैदान सहित विभिन्न मस्जिदों और दरगाहों में हजारों अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद पूरा इलाका ईद मुबारक की आवाजों से गूंज उठा। यहां विभिन्न समाजों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर मुस्लिम समाज को बधाई दी। शहर में पारंपरिक जुलूस भी निकाला गया, जिसमें शहर काजी को घोड़ी पर बैठाकर गाजे-बाजे के साथ उनके निवास तक पहुंचाया गया। बाजारों और मोहल्लों में पूरे दिन उत्साह और रौनक का माहौल बना रहा।

प्रदेशभर में ईद के मौके पर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विभिन्न शहरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। ईद-उल-अजहा के अवसर पर लोगों ने आपसी प्रेम, सद्भाव और इंसानियत का संदेश देते हुए समाज में एकता बनाए रखने की अपील की।

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