फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: ‘हाय राजीव, प्लीज मुझसे मिलने जयपुर आओ’ लड़की के चक्कर में बुरा फंसा दिल्ली का लड़का; फिर जो हुआ वो…

Tue, 15 Oct 2024 10:30 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: दिल्ली का एक नर्सिंग ऑफिसर राजीव कुमार ऐसे ही एक जाल में फंस गया। एक युवती की बातों में आकर वो जयपुर आ गया। बाद में राजीव के साथ जो हुआ, उसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
 
विज्ञापन
लड़के के साथ ठगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नर्सिंग ऑफिसर राजीव जयपुर आकर बदमाशों के बीच घिर गया था। उसका अपहरण कर लिया गया, राजीव काफी घबरा गया। उसके साथ बदमाशों ने जमकर मारपीट की और उसी युवती के साथ अश्लील वीडियो बनाए गए और 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। डरे सहमे राजीव ने जैसे तैसे ने 1 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर और 5 लाख रुपए नकद देकर अपनी जान बचाई।

विज्ञापन


राजीव के साथ हुई जमकर मारपीट
दरअसल, 10 अक्तूबर 2024 की देर रात को राजीव दिल्ली से जयपुर आया। जिस लड़की ने राजीव को रुपए लेकर बुलाया, उसने खुद को जगतपुरा रहने की बात कही। फेसबुक मैसेंजर पर ही लड़की ने राजीव को लोकेशन भेजी। राजीव ने देर रात 2 बजे उबर कैब बुक की ओर प्रताप नगर के लिए रवाना हो गया। दिए गए पते पर पहुंचा।

एक बहुमंजिला इमारत के नीचे राजीव टैक्सी से उतरा तो एक लड़की उसे रिसीव करने के लिए आई। टैक्सी चालक लौट गया और राजीव उस लड़की के साथ फ्लैट में चला गया। वह काफी खुश था कि सोशल मीडिया पर बनी दोस्त ने उसे घर बुलाया है। मौज मस्ती करने की बातें कही थी, लेकिन कुछ ही मिनट बाद राजीव की खुशी गम में बदल गई, क्योंकि उसी फ्लैट में 4-5 लड़कों ने एंट्री की। उन लड़कों ने राजीव और उस लड़की पर गलत काम करने का आरोप लगाते हुए मारपीट शुरू कर दी। राजीव को बंधक बना लिया गया।
विज्ञापन

कैसे हुई थी दोस्ती
बता दें कि राजीव के पास फेसबुक मैसेंजर से एक मैसेज आया। वह मैसेज किसी लड़की के नाम से था। लड़की ने राजीव को दोस्ती का ऑफर दिया जिसे राजीव ने स्वीकार कर लिया। दोनों के बीच कुछ दिनों तक चेटिंग होती रही। एक लड़की ने राजीव से आर्थिक मदद मांगी। उसने कहा कि उसके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। ऐसे में उसे 40-50 हजार रुपयों की जरूरत है। राजीव ने मदद करने के लिए हां कर दी लेकिन ऑनलाइन ट्रांसफर करने के बजाय ऑफलाइन यानी घर आकर नकद रुपए देने की बात कही थी।

मामला हुआ दर्ज
पूरे मामले को लेकर जयपुर आयुक्तालय के डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पहले डर के मारे पीड़ित ने पूरी बात नहीं बताई। केवल अपहरण, मारपीट और लूट की बात बताई थी। पुलिस ने जब राजीव के द्वारा 10 अक्तूबर की रात को बुक कराई गई उबेर कैब के चालक को हिरासत में लिया तो कहानी कुछ और ही सामने आई। राजीव ने कैब चालक को भी अपहरणकर्ताओं में शामिल बताया, लेकिन पूछताछ में सामने आया कि कैब चालक की वारदात में कोई भूमिका नहीं थी। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि लड़की सहित 5 अन्य बदमाशों को नामजद कर लिया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें