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Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस का धरना जारी, गहलोत बोले- डोटासरा को टारगेट कर रही भाजपा

Thu, 27 Feb 2025 12:13 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सहित छह विधायकों के निलंबन के विरोध में शुरू हुआ गतिरोध छठे दिन भी जारी है। शुक्रवार से कांग्रेस विधायक विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे हैं।
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विधानसभा के बाहर मंत्रियों से चर्चा करते पूर्व सीएम अशोक गहलोत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा के बाहर गुरुवार को भी कांग्रेस विधायक धरने पर हैं। फिलहाल सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सदन खुद गतिरोध पैदा कर रहा है। संसदीय कार्यमंत्री अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। क्या उनकी ड्यूटी नहीं बनती की यहां आकर बात करें।

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गहलोत बोले- बीजेपी का टारगेट डोटासरा
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि यह गतिरोध समाप्त होना चाहिए, जिससे की बहस हो सके। इसमें किसी का भी ईगो नहीं होना चाहिए। अनावश्यक जो तनाव हो रहा है उससे और ज्यादा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज नेता प्रतिपक्ष का भाषण होना है, होगा कि नहीं…कुछ पता नहीं। हमारे स्पीकर देवनानी जी को भी पिछले सदन में निष्काषित कर दिया था। तब उनकी जगह चीफ व्हिप ने खेद प्रकट किया था। एक बार राजेंद्र राठौड़ को निष्काषित कर दिया गया था तो उनकी जगह गुलाबचंद कटारिया ने खेद प्रकट कर दिया था। तो इनको भी कोई न कोई तरीका निकालना चाहिए। ये लोग गोविंद सिंह डोटासरा को टारगेट करके चल रहे हैं, जिससे कांग्रेस बदनाम हो।

नेता प्रतिपक्ष-मंत्रियों की परफार्मेंस से डरी हुई सरकार सदन नहीं चलाना चाहती
हम गुहार लगाने गए हमें ही निलंबित कर दिया। हम तीन दिन विधानसभा में सोए। इसके बाद गतिरोध खत्म करने की बात हुई। हम तीन लोगों ने खेद प्रकट कर दिया। उसके बावजूद सरकार का मंत्री जवाब नहीं दे रहा। कल मैंने मुख्यमंत्री से बात की। मैंने संसदीय मंत्री से भी बात की। ट्वीट भी किया कि हमारे द्वार खुले हैं। डोटासरा ने कह दिया कि ऐसी कोई बात है तो मैं अध्यक्ष के घर जाकर उनसे बात कर सकता हूं। इससे ज्यादा तो सरकार को नहीं करना चाहिए। जूली बोले कि पहले भी ऐसे मामले हुए हैं और डेडलॉक टूटे भी हैं। सत्ता सिर्फ मंत्रियों की परफॉर्मेंस से घबराई हुई है। उसी से बचने के लिए ये लोग सदन नहीं चलाना चाहते।
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