प्रदेश में लोकसभा की बची हुई सीटों पर भाजपा जल्दी ही अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकती है। मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने पैनल के नाम फाइनल कर आलाकमान को सौंप दिए हैं। जल्द ही पार्टी की CEC की बैठक में इन नामों पर मुहर लग सकती है। ऐसे में इन सीटों के दावेदारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
आइये जानते हैं किस सीट के लिए कौन है दमदार दावेदार :
जयपुर शहर : इस सीट के प्रमुख दावेदारों में पांच नाम निकलकर सामने आ रहे हैं, जिनमें दो बार के सांसद रहे रामचरण बोहरा का नाम सबसे ऊपर है। बोहरा की गैर विवादित छवि और उनका ब्राह्मण होना उन्हें इस सीट के लिए फिट बनाता है।
मुकेश दाधीच : दाधीच पार्टी के उपाध्यक्ष हैं, ब्राह्मण और गैर विवादित चेहरा भी हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के नजदीकी माने जाते हैं।
अरुण चतुर्वेदी : पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं और सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इस बार उन्हें सिविल लाइंस से टिकट नहीं मिल पाया था। ऐसे में पार्टी लोकसभा के लिए विचार कर सकती है।
सुनील कोठारी : इस सीट के लिए सुनील कोठारी का भी दावेदारों में शामिल है। कोठारी संघ के करीबी नेता माने जाते हैं।
मनन चतुर्वेदी : बाल आयोग की पूर्व अध्यक्ष और समाज सेविका मनन चतुर्वेदी का नाम भी पैनल में दिया गया है। मनन का नाम दिल्ली के बड़े नेता की सिफारिश पर शामिल किया गया है।
जयपुर ग्रामीण : इस सीट पर पार्टी प्रवक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने वाली राखी राठौड़ का नाम शामिल है। राखी राजपूत हैं और महिला हैं, जो कि उनके पक्ष में जा सकता है।
राव राजेन्द्र सिंह : राजपूत हैं और गैर विवादित छवि वाले नेता हैं। पूर्व में तीन बार विधायक रह चुके हैं।
श्रवण सिंह बगड़ी : पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता और वर्तमान मे महामंत्री हैं। प्रदेश अध्यक्ष जोशी के विश्वासपात्रों में से एक हैं।
लालचंद कटारिया : कटारिया हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए हैं। वे इस सीट से 2009 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे। जाट समाज में उनकी अच्छी पकड़ है।
अजमेर : यहां से टिकट के प्रमुख दावेदारों में सतीश पूनिया का नाम शामिल है। पूनिया पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं। हालिया विधानसभा चुनाव हारे थे, लेकिन पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाकर जाट समुदाय को संदेश दे सकती है।
सरिता गेना : महिला हैं और जाट हैं। पूर्व जिला प्रमुख रही हैं।
दौसा : इस सीट पर अधिक आयु की वजह से वर्तमान सांसद जसकौर मीणा का टिकट कट सकता है। ऐसे कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के भाई और रिटायर्ड आरएएस जगमोहन मीणा का नाम दावेदारों में है।
अर्चना मीणा : महिला हैं और मीणा हैं। वर्तमान सांसद जसकौर मीणा की पुत्री हैं।
सी.पी. मीणा : सीपी भी रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट हैं और पिछले कई दिनों से क्षेत्र में सक्रिय भी हैं।
श्रीगंगानगर : यहां से पार्टी के एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल का नाम लिस्ट में है। क्षेत्र में लंबे समय से भाजपा मेघवाल समाज के व्यक्ति को ही टिकट दे रही है।
निहालचंद मेघवाल : इस सीट के दूसरे दावेदार निहालचंद मेघवाल वर्तमान में सांसद हैं और 2014-2016 के बीच केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे हैं। वे 5 बार सांसद रह चुके हैं।
राजसमंद से मानवेंद्र सिंह जसोल के नाम की संभावनाएं नजर आ रही हैं। हालांकि इनकी अभी भाजपा में वापसी नहीं हुई है लेकिन जल्दी ही भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। जसोल राजपूत समुदाय से हैं और पूर्व में सांसद व विधायक रह चुके हैं।
भवानी सिंह कालवी या भुवनेश्वरी सिंह : भवानी सिंह के पिता लोकेन्द्र सिंह और दादा कल्याण सिंह दोनों बड़े नाम रहे हैं। भवानी सिंह व उनकी पत्नी भुवनेश्वरी सिंह में से किसी एक को टिकट मिल सकता है।
करणवीर सिंह : पूर्व सांसद दिवंगत हरिओम सिंह राठौड़ के बेटे करणवीर सिंह का नाम भी चर्चाओं में हैं। राजस्थान के एक वरिष्ठ नेता जो अब संवैधानिक पद पर हैं, वे उन्हें टिकट दिलाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं।
भीलवाड़ा की सीट को वैश्य समाज के खाते में माना जाता है। यहां से पार्टी सुभाष बहेड़िया को टिकट दे सकती है। देश की सबसे बड़ी 10 जीतों (2014 और 2019 ) में उनका नाम दर्ज है। एक बार फिर पार्टी उन्हें टिकट दे सकती है।
दामोदर अग्रवाल : दामोदर प्रदेश टीम में पदाधिकारी और उदयपुर संभाग के प्रभारी हैं। वे भीलवाड़ा के ही रहने वाले हैं। इस बार उन्हें टिकट मिल सकता है।
झुंझुनूं सीट पर पार्टी महिला और जाट कॉम्बिनेशन के फार्मूले पर जा सकती है। ऐसे में संतोष अहलावत का नाम सामने आ रहा है। संतोष पूर्व में भी इस सीट से सांसद रह चुकी हैं।
हर्षिनी कुल्हरी : हर्षिनी वर्तमान सांसद नरेंद्र खींचड़ की पुत्रवधू हैं। पार्टी इस सीट पर जाट और महिला कॉम्बिनेशन को ही श्रेष्ठ मान रही।
टोंक-सवाई माधोपुर में टिकट की दावेदार अलका गुर्जर पार्टी की राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं और पूर्व में विधायक रह चुकी हैं। पार्टी इस सीट से किसी गुर्जर को ही उतारना चाहती है ऐसे में अलका गुर्जर और महिला दोनों मापदंडों को पूरा करती हैं।
सौम्या गुर्जर/राजाराम गुर्जर : जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर और उनके पति डॉ. राजाराम गुर्जर दोनों में से किसी एक को टिकट दिया जा सकता है।
सुखबीर सिंह जौनापुरिया : वे वर्तमान में सांसद हैं। मूलत: हरियाणा से हैं और गुर्जर समुदाय से हैं। उन्हें भी टिकट मिल सकता है।
करौली-धौलपुर में टिकट के दावेदारों में मनोज राजौरिया वर्तमान में सांसद हैं। उन्हें पार्टी टिकट दे सकती है लेकिन जिन चेहरों को बदले जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें वे भी शामिल हैं।
डॉ. मधुसूदन : पेशे से डॉक्टर हैं। डॉक्टर होने के कारण क्षेत्र में उनकी खासी लोकप्रियता है।
विवेक सिंह : एक सप्ताह पहले ही धौलपुर-करौली सीट के दावेदारों में इनका नाम चर्चा में आया है। विवेक बिजनेसमैन हैं और राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं।