कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की जीत ने बीजेपी में भीतरघात को खुलकर उजागर कर दिया है। प्रमोद जैन भाया ने इस चुनाव में यहां 15 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। जबकि बीजेपी के पूरे संसाधन झोंकने के बादजूद मोरपाल सुमन मात्र 126 वोटों के अंतर से तीसरे नंबर पर जाने से बच गए।
करारी हार के बाद बड़ा सवाल है कि इतने संसाधन झोंकने के बावजूद बीजेपी हाड़ौती में अपनी सीट क्यों नहीं बचा पाई। जबकि इससे पहले हुए सात उपचुनावों में बीजेपी ने 5 सीटें जीतीं, जिनमें से 4 सीटें उसने कांग्रेस से छीनी थीं।
ये भी पढ़ें: Barmer News: रोडवेज भर्ती में पद वृद्धि की मांग, विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने उप मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
अंता में कांग्रेस के चुनाव प्रभारी अशोक चांदना ने इस जीत को लेकर कांग्रेस को बधाई दी लेकिन बीजेपी की हार पर बेहद चौंकाने वाला खुलासा भी किया। चांदना ने कहा कि इस जीत ने यह साबित कर दिया कि कांग्रेस के सब नेता एक साथ हो जाते हैं तो उसे कोई हरा नहीं सकता। जब-जब कांग्रेस एक होकर चुनाव लड़ी है, वह जीती है। वहीं बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन की हार पर चांदना ने कहा कि यह बीजेपी में भीतरघात का ही नतीजा है।
उन्होंने कहा कि मोरपाल सुमन, वसुंधरा राजे के खड़ा किया हुए उम्मीदवार थे इसलिए सीएम कैंप के लोगों ने मोरपाल को हरवाने के लिए अपने लोगों को नरेश के पक्ष में वोट डालने के लिए कहा, ताकि वसुंधरा राजे इस क्षेत्र में कमजोर हो सकें।
चांदना के इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बयान में सचाई कितनी है ये तो बाद की बात है लेकिन फिलहाल चांदना ने ठहरे हुए पानी में पत्थर फेंक दिया है।