राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में नवाचार दिवस-स्टार्टअप कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और नवाचार ही अर्थव्यवस्था तथा समाज के विकास का असली इंजन है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवा तकनीक में पहचान बना रहे हैं और सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उनका आह्वान था कि युवा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ें और प्रदेश को ग्लोबल लीडर बनाने में योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आईस्टार्ट राजस्थान के माध्यम से 7,200 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है और 42,500 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इनमें 2,600 से अधिक स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जबकि 288 स्टार्टअप का नेतृत्व विद्यार्थी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में डिजिटल तकनीक, नवाचार और उद्यमिता का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट 2025-26 में राजस्थान डिजिफेस्ट के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और जनवरी 2026 में जयपुर में बड़े पैमाने पर इसका आयोजन होगा। इसमें 10,000 से अधिक प्रतिभागी, 500 निवेशक, 200 वक्ता और 100 स्टार्टअप पिच सत्र शामिल होंगे। यह कार्यक्रम तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक गठजोड़ के लिए एक बड़ा मंच बनेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी, अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सेलरेटर और लर्न-अर्न-प्रोग्रेस (लीप) प्रोग्राम के माध्यम से युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। तीन सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग स्थापित किए जा रहे हैं और स्टेट स्किल पॉलिसी के तहत डेढ़ लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से प्रदेश निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है, जहां 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए और 8 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट धरातल पर उतर रहे हैं।
सरकार ने अब तक 92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और निजी क्षेत्र में ढाई लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराए हैं। समारोह में 333 चयनित स्टार्टअप्स को 10.79 करोड़ रुपये की फंडिंग भी प्रदान की गई।