राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा सरकार पर रविवार को जोरदार हमला बोला। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अरावली की छाती चीरकर उसकी हत्या की साजिशें रचीं, आज वे ही ढोंगियों की तरह पर्यावरण संरक्षण का उपदेश दे रहे हैं।'
ब्रांडिंग की सरकार, धरातल पर अंधकार
जूली ने सरकार की कार्यशैली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में काम हो न हो, लेकिन सरकारी विज्ञापनों और ब्रांडिंग का शोर है। अलवर में हुए 152 करोड़ के लोकार्पण को उन्होंने कागजी बताते हुए पूछा कि धरातल पर ईंट भी लगी है या सिर्फ श्रेय लूटने की राजनीति हो रही है?
जुमले को मजाक समझती है जनता
जूली ने कहा कि दो साल वर्सेज पांच साल के जुमले को जनता मजाक समझती है। जो सरकार बालिकाओं को 2 साल में एक स्कूटी तक नहीं दे पाई, सैनिटरी नैपकिन की योजना तक को बन्द कर दिया और ऐसी बातें करने का नैतिक साहस भी यहां से लाते हैं। मुख्यमंत्री 'अंतिम पंक्ति' के व्यक्ति की बात करते हैं, जबकि हकीकत यह है कि यह सरकार 'प्रथम पंक्ति' के अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के अलावा कुछ नहीं कर रही है। "
ERCP और साफे का हिसाब दें मुख्यमंत्री
ईआरसीपी (ERCP) के मुद्दे पर जूली ने सीधा हमला बोलते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री जी, ईआरसीपी के नाम पर जो साफा बंधवाकर वाहवाही लूटी थी, उसका क्या हुआ? वह योजना आज किस ठंडे बस्ते में है?' उन्होंने जेजेएम (JJM) के दावों को सफेद झूठ करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पीठ खुद थपथपा रहे हैं, जबकि जनता एक-एक बूंद पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है।
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बेलगाम ब्यूरोक्रेसी और दिशाहीन नेतृत्व
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज राजस्थान में अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम है। मंत्रियों और अधिकारियों के बीच कोई तालमेल नहीं है। मुख्यमंत्री केवल भाषणबाजी में व्यस्त हैं, जबकि जनता की सुनवाई करने वाला शासन में कोई नहीं है।