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Rajasthan News: राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीखों का आज होगा ऐलान; हाईकोर्ट सुनाएगा फैसला!

Fri, 22 May 2026 08:13 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान हाईकोर्ट आज पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर अहम फैसला सुनाएगा। पिछली सुनवाई 11 मई को हुई थी जिसमें हाईकोर्ट ने फैसला रिजर्व रख लिया था। आज मामले में इस रिजर्व फैसले को सुनाया जाना है।
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राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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 राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर आज राजस्थान हाईकोर्ट अहम फैसला सुनाएगा। चुनाव टालने की मांग को लेकर राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग द्वारा दायर प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 11 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आज कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ इस मामले में अपना निर्णय सुनाएगी।

मामले में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की याचिका भी प्रमुख है, जिसमें समय पर चुनाव नहीं कराने को लेकर सरकार और राज्य चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत के फैसले से प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों की स्थिति साफ होने की संभावना है।

सरकार ने मांगा था और समय

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में कहा है कि अदालत द्वारा 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देशों की पालना के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निर्धारित समयसीमा में चुनाव कराना संभव नहीं हो पाया।

सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, स्कूलों की उपलब्धता, चुनावी स्टाफ की कमी, ईवीएम और अन्य संसाधनों के अभाव का हवाला देते हुए चुनाव आगे बढ़ाने की मांग की है। सरकार का कहना है कि वर्तमान हालात में दिसंबर से पहले चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं होगा।

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राज्य निर्वाचन आयोग ने भी किया समर्थन

राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अलग से हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया था। आयोग ने सरकार के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने से पहले चुनाव कराना संभव नहीं है।

‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ का तर्क

सरकार ने अदालत में यह भी तर्क रखा कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में यदि सभी चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो प्रशासनिक और वित्तीय दृष्टि से यह ज्यादा व्यावहारिक होगा। सरकार ने इसे “वन स्टेट-वन इलेक्शन” की अवधारणा से भी जोड़ा है।

पहले हाईकोर्ट दे चुका है निर्देश

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट पहले ही राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दे चुका है। अदालत ने परिसीमन प्रक्रिया समय पर पूरी करने के आदेश भी दिए थे। इसके बावजूद चुनाव नहीं हो पाने पर मामला दोबारा अदालत पहुंचा। अब आज आने वाला फैसला यह तय करेगा कि प्रदेश में चुनाव जल्द होंगे या सरकार को अतिरिक्त समय मिल पाएगा। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।

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