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Jaipur: ITAT रिश्वत कांड में जज एस. सीतालक्ष्मी की दूसरी जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने आरोपों को माना गंभीर

Thu, 14 May 2026 01:50 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने आईटीएटी रिश्वत मामले में आरोपी महिला जज एस. सीतालक्ष्मी की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि मामले में आरोप गंभीर हैं और इस स्तर पर राहत देना उचित नहीं होगा।
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ITAT रिश्वत कांड में आरोपी एस. सीतालक्ष्मी की दूसरी जमानत याचिका खारिज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईटीएटी रिश्वत कांड में आरोपी महिला जज एस. सीतालक्ष्मी को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी दूसरी जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि प्रथमदृष्टया उनके खिलाफ गंभीर आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सामग्री मौजूद है और इस स्तर पर उन्हें जमानत देना उचित नहीं होगा।

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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि केवल महिला होने, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने या अभियोजन स्वीकृति में देरी को जमानत का स्वतः आधार नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने माना कि मामले की परिस्थितियां और आरोपों की गंभीरता अधिक महत्वपूर्ण हैं तथा उपलब्ध रिकॉर्ड आरोपी की भूमिका को गंभीर रूप से दर्शाते हैं।

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सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह भी रखा गया कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। ऐसे में आरोपी को रिहा किए जाने पर जांच और ट्रायल प्रभावित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने इस तर्क को महत्वपूर्ण मानते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है।

कोर्ट ने सह-अभियुक्तों को पूर्व में मिली जमानत का हवाला भी अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि एस. सीतालक्ष्मी की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग और अधिक गंभीर बताई गई है, इसलिए समानता के आधार पर उन्हें राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी माना कि प्रत्येक आरोपी की भूमिका और परिस्थितियों का अलग-अलग मूल्यांकन आवश्यक होता है।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ट्रायल कोर्ट को मामले की सुनवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि लंबित प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। इस फैसले को आईटीएटी रिश्वत प्रकरण में जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का यह आदेश भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सख्त रुख का संकेत देता है।

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